Prologue
"प्लीज़, मुझे माफ़ कर दो, मैं अब कभी ऐसा नहीं करूँगी-" दर्द से चीखते हुए उसकी बात चाबुक के एक और वार से बीच में ही कट गई।
"मुझे पता है तुम ऐसा नहीं करोगी, डॉल," एलाइजा ने उसके बालों को अपनी मुट्ठी में जकड़ते हुए कुटिल मुस्कान के साथ कहा।
"पर बुरी लड़कियों को सजा तो मिलनी ही चाहिए," ऑगस्ट चिल्लाई, तभी उसे ज़ोर से धक्का दिया गया। एलेक्जेंडर और ल्यूशियन मुस्कुरा दिए।
17 साल की ऑगस्ट ने अपनी पूरी ज़िंदगी बस यही चाहा था कि वह 18 साल की हो जाए और इस नरक से निकल जाए जहाँ वह किसी तरह जी रही थी। उसने सब कुछ प्लान कर लिया था, लेकिन जब वे लोग अंदर आए तो सब कुछ बर्बाद हो गया। तब उसे एहसास हुआ कि यह उस सब से कहीं ज़्यादा बुरा है जो उसने पहले सहा था।
वे लोग।
एलेक्जेंडर, ल्यूशियन और एलाइजा। ये तीनों शैतान, जिन्हें औरतें पूजती थीं और मर्द जिनसे जलते थे, पर हर कोई उनसे डरता था। उन्होंने सब कुछ सोच रखा था—अपने बिज़नेस के लिए शादी करना और बड़े-बड़े दिग्गजों को हराना। लेकिन सब कुछ तब बिखर गया जब उन्होंने अपनी छोटी सी डॉल को अपनी ही शादियों में देखा।
वह कौन थी? उनकी दुल्हन की बहन।