कहानी का परिचय
एक लव स्टोरी…
जो हर गली, मोहल्ले और बस्ती में मिल जाती है।
इश्क़ का दरवाज़ा कभी कॉलेज के दिनों में खुलता है, तो कभी किसी नुक्कड़ पर चाय पीते हुए। कभी किसी की एक मुस्कान दिल में उतर जाती है, तो कभी किसी को देखते ही पता नहीं चलता कि कब प्यार हो गया।
सोचा है कभी…
किसी को देखते ही प्यार कैसे हो जाता है?
नहीं ना!
पर हो जाता है।
ऐसी ही एक प्यार की कहानी है शिवाय और चंदा की, जो हमें पहले प्यार का एहसास कराती है और सिखाती है कि प्यार करना क्या होता है।
एक ऐसी कहानी, जिसमें कुछ मुलाकातें हैं, कुछ अनकही बातें हैं, कुछ खूबसूरत यादें हैं और एक ऐसा एहसास है… जिसे भुलाना शायद कभी आसान नहीं होता।
क्योंकि पहला प्यार सिर्फ़ एक कहानी नहीं होता,
वो हमारी ज़िंदगी का वो हिस्सा होता है,
जो खत्म होने के बाद भी कहीं न कहीं हमारे अंदर ज़िंदा रहता है।








