INTRODUCTION
माँ की उम्र 41 साल है। शरीर बेहद आकर्षक और घुमावदार—ऊपर से 38 इंच की छाती, 36 इंच की कमर और नीचे 40 इंच की चौड़ी, मोटी गांड। त्वचा गोरी-मटियाली, बाल घने और काले, होंठ मोटे और लाल।
बाहर से वो एकदम साधारण, संभ्रांत पत्नी जैसी लगती हैं—साड़ी ठीक से पहनी हुई, सिर ढका हुआ, बातों में संयम। लेकिन अंदर से उनकी सारी इच्छाएँ एक हॉट, भूखी स्लट की हैं। मोटे, मांसल और आकर्षक मर्दों को देखकर उनकी चूत गीली हो जाती है। वे चाहती हैं कि कोई उन्हें पकड़कर जोर-जोर से चोदे, उनकी गांड थपथपाए, उनके मुँह में लंड ठूँसे।
घर पर रात को वो पतले, चमकदार सैटिन नाइटी पहनती हैं—जिससे उनके निप्पल साफ़ दिखते हैं और नाइटी की हल्की सी चमक उनकी जाँघों को और भी ज्यादा सेक्सी बना देती है। लोग देखते ही रुक जाते हैं।
लेकिन जब कोई शादी या आधिकारिक कार्यक्रम होता है, तो माँ एकदम अलग लुक में आती हैं—बैकलेस ब्लाउज, पतली पट्टी वाली ब्रा और इतनी कमर तक कटी हुई साड़ी कि हिलते हुए उनके कूल्हे और गांड का हर झटका साफ़ दिखता है। हर नज़र उन पर टिक जाती है।
अब्दुल और साजिद जैसे मर्दों के लिए वो हमेशा तैयार रहती हैं—चाहे स्टोररूम हो, कार की बोनट हो या शादी के बाद का कोई अंधेरा कोना।
अस्लम एक 32 साल का मोटा-तगड़ा मुल्ला है। कद छह फुट, कंधे चौड़े, बाजू मोटे और छाती पर घना बाल। उसकी आँखें काली और भरी हुई, मूँछें घनी और होंठ मोटे। शादी की सजावट का मुख्य आयोजक होने के नाते वो हर जगह घूमता रहता है। जब वो पहली बार माँ को देखता है—38-36-40 की घुमावदार काया, पीछे से खुला ब्लाउज, साड़ी की चीर में झलकती जाँघ—उसका लंड तुरंत खड़ा हो जाता है। वो सीधे माँ के पास आता है, हाथ बढ़ाकर उनकी कमर पकड़ लेता है और फुसफुसाता है, “बहनजी, सजावट चेक करनी है, स्टोररूम चलें?” माँ कुछ नहीं बोलती, बस उसके साथ चल देती है। स्टोररूम के अंदर अस्लम दरवाजा बंद करता है और माँ को दीवार से चिपका देता है। रिसेप्शन स्टेज के पीछे अंधेरा कोना। अस्लम फिर माँ को पकड़ लेता है। इस बार वो माँ को घुटनों पर बिठाकर चोदता है। माँ का मुँह खुला रहता है, जीभ बाहर, आँखें बंद। अस्लम उनके स्तनों को निचोड़ता हुआ जोर-जोर से धक्के मारता है। माँ की चूत से चिपचिपा तरल बहता है।
साजिद, दूल्हे का दोस्त, 28 साल का आकर्षक मुल्ला। कद लंबा, शरीर कसा हुआ, मोटी बाँहें। वो दो दिन शादी में रुकने वाला है। पहली नजर में माँ को देखते ही उसकी निगाहें उनकी छाती और गांड पर अटक जाती हैं। वो माँ को डांस पर खींच लेता है। डांस के दौरान वो पीछे से माँ की कमर पकड़कर अपनी जांघों से रगड़ता है।डांस खत्म होते ही साजिद माँ को पार्किंग में अपनी कार के पिछली सीट पर ले जाता है। कार का शीशा काला है। साजिद माँ को सीट पर लिटाकर उनकी साड़ी खींचता है। शादी के बाद साजिद दो दिन और रुकता है। दूल्हा-दुल्हन के कमरे में साजिद रात को आता है। माँ दुल्हन की मौसी बनकर वहाँ मौजूद होती हैं। साजिद माँ को दुल्हन की तरह लिटाकर चोदता है।








