Chapter 1
मुंबई -

यह एक 7-स्टार होटल का दृश्य था, जहाँ एक लड़की पूरी तरह नशे में धुत थी। नशा उस पर इस कदर हावी था कि उसे अपने आप पर कोई काबू नहीं था।
लेकिन उसे सहारा देने के नाम पर दो लड़के साथ थे, जिन्होंने लड़की के हाथों को अपने कंधों पर डाल रखा था और उसे खींचते हुए कहीं ले जा रहे थे।
यहाँ, साधारण टी-शर्ट और जींस पहने वह लड़की ऐसी लग रही थी जैसे उसे पता ही न हो कि उसके साथ क्या हो रहा है।
वह वाकई खूबसूरत थी, पतली काया, बिखरे बाल और कम कद की थी।
कुल मिलाकर, वह बहुत प्यारी थी।
लेकिन वह बिल्कुल बेखबर थी कि उसकी खूबसूरती को दीमक की तरह खत्म किया जाने वाला था।
वे लड़के लड़की को सबसे छिपाते हुए घसीट रहे थे, तभी उन्हें लगा कि कोई उधर आ रहा है। तब उनमें से एक ने कहा, "तू यहीं रुक और इसे संभाल। मुझे देखने दे कि कोई आ तो नहीं रहा।"
यह कहते हुए लड़का वहां से चला गया। यहाँ दूसरा लड़का अपनी हवस भरी नज़रों से लड़की को ऊपर से नीचे तक देखने लगा और बोला, "ये रात तो पक्का बवाल होने वाली है!"
वह कुटिल मुस्कान के साथ हंसा।
दूसरी ओर -
उसी 7-स्टार होटल के एक पुराने कमरे में, एक व्यक्ति लगातार एक आदमी को पीट रहा था। वह आदमी खून से लथपथ होकर बेजान ज़मीन पर गिर पड़ा। फिर उस दूसरे व्यक्ति ने, उस बेबस आदमी को देखकर अपनी कमर से बंदूक निकाली और उसकी जांघों के बीच बंदूक का निशाना साधते हुए कहा, "काश तुझे पता होता कि अरमान मलिक एक जीता-जागता आतंक है!"
इतना कहते ही उसने बंदूक उस आदमी की जांघों के बीच घुसा दी, और वह आदमी असहनीय दर्द से चीख पड़ा।
अरमान मलिक, यानी आतंक का दूसरा नाम!
वह दिखने में बेहद कमाल का था। कसी हुई बॉडी, शानदार लंबाई, आकर्षक व्यक्तित्व।
कुल मिलाकर, लंबा, सांवला और हैंडसम!
वह हर लड़की का सपना था। और उसकी ज़िंदगी में किसी चीज़ की कमी भी नहीं थी—पैसा, शोहरत और लड़कियाँ। उसके पास सब कुछ था।
दुनिया की नज़रों में वह एक बहुत अमीर बाप का बेटा था, लेकिन दुनिया से छिपकर उसने एक ऐसी पहचान बना ली थी जिसके बारे में फिलहाल कोई नहीं जानता था। लेकिन बहुत जल्द उसका नाम काली दुनिया में इस तरह गूंजने वाला था कि नाम सुनते ही सबकी रूह कांप जाए... अरमान मलिक।
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यहाँ, वह लड़का लड़की को संभालने के लिए खड़ा था तभी अचानक उसके फोन की घंटी बजी। उसने देखा कि एक ज़रूरी कॉल थी, फिर उसने उस लड़की की ओर देखा, जो लगातार कुछ न कुछ बुदबुदा रही थी।
अब उसके बड़बड़ाने की वजह से वह उसके पास खड़े होकर कॉल नहीं उठा सकता था, इसलिए उसे लड़की को छोड़कर वहां से थोड़ा दूर जाना पड़ा।
उस लड़के ने सोचा भी नहीं था कि वह नशे की हालत में कहीं जा पाएगी, लेकिन बिल्कुल उल्टा हुआ।
लड़की के कदम अपने आप दूसरी दिशा में बढ़ने लगे और कुछ ही पलों में वह एक कॉरिडोर में आ गई। उसी वक्त उसके कदम डगमगाए, और... वह सीधे किसी के कमरे के अंदर जा गिरी।
उस कमरे का दरवाजा लॉक नहीं था, तो बस उसके हल्के से धक्के से गेट खुल गया और वह अंदर जा गिरी।
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यहाँ, जब वह लड़का फोन से मुड़ा, तो उसने उस कोने को खाली पाया जहाँ लड़की खड़ी थी। यह देखकर वह दंग रह गया। तभी दूसरा लड़का भी वहां आ गया, जिसने पूछा, "लड़की कहाँ गई, नितिन?"
नितिन ने हैरानी से कहा, "मु-मुझे नहीं पता, यार। मैंने बस दो मिनट के लिए उसे छोड़ा था; इतनी देर में वो कहां गायब हो गई?"
यह सुनकर दूसरे लड़के ने नितिन का कॉलर पकड़ा और चिल्लाया, "कमीने, तू एक लड़की नहीं संभाल पाया? अब उसे हम कहाँ ढूंढेंगे?"
लेकिन अब चिल्लाने का कोई फायदा नहीं था।
दोनों अपना सिर पकड़कर रह गए क्योंकि लड़की उनके हाथ से निकल चुकी थी।
और वह रात, जो उन्होंने पूरी तरह से सेक्स और मज़े से भरी—थ्रीसम—प्लान की थी, अब बर्बाद होने वाली थी।
वजह अभी भी साफ नहीं थी कि वह लड़की कौन थी और उन जैसे राक्षसों के साथ क्या कर रही थी।
लेकिन यह साफ दिख रहा था कि लड़की पूरी तरह नशे में थी और उसे अंदाज़ा भी नहीं था कि उसके आसपास क्या हो रहा है।
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इस बीच,
वही लड़की अचानक कमरे में गिर जाने के कारण फर्श पर पड़ी थी।
और उसी कमरे के वॉशरूम में, एक व्यक्ति शॉवर के नीचे नहा रहा था। उसकी पीठ पर एक ईगल का टैटू था जो उसे काफी खतरनाक लुक दे रहा था।
और यह व्यक्ति अरमान था! अरमान मलिक!
शॉवर से गिरती पानी की बूंदें उसके शरीर पर लगे खून के दागों को धो रही थीं, जो उस आदमी को बेरहमी से मारते समय उसके शरीर पर छिटक गए थे।
खैर, कुछ देर बाद वह शॉवर से बाहर आया। इस वक्त उसकी कमर पर सिर्फ एक तौलिया लपेटा हुआ था। बाहर आकर वह ड्रेसिंग टेबल के सामने खड़ा हुआ, तभी अचानक, कमरे की लाइट चली गई।
यह देखकर वह थोड़ा हैरान हुआ, लेकिन कमरा इतना अंधेरा नहीं था कि कुछ दिखाई न दे। हां, एक-दूसरे के चेहरे पहचानने में दिक्कत हो सकती थी, लेकिन उसके अलावा वहां पर्याप्त रोशनी थी।
तभी उसके फोन की घंटी बजी, जिसे सुनकर उसने फोन उठाया। दूसरी तरफ से उसके एक दोस्त ने चिल्लाते हुए कहा, "क्या तू पागल हो गया है, अरमान? तूने उस खान के बेटे को मार डाला?"
लेकिन अरमान ने बेपरवाही से सिगरेट जलाई और कहा, "उसे भी पता होना चाहिए कि अरमान मलिक से उलझने का इकलौता नतीजा है... मौत!"
"लेकिन तुझे पता है कि वह खान कितना बड़ा कमीना है; वह तुझे आसानी से नहीं छोड़ेगा।"
"मैं चाहता भी नहीं। कुत्ते का शिकार करने में क्या मज़ा, मज़ा तो तब है जब शेर का शिकार किया जाए," इतना कहकर अरमान ने फोन काट दिया।
तभी अचानक, उसे किसी के कराहने की आवाज़ सुनाई दी। यह सुनकर अरमान थोड़ा चौंक गया। जैसे ही उसने इस आवाज़ का पीछा करने के लिए अपने फोन की फ्लैशलाइट जलाई, अचानक किसी ने उसे पीछे से गले लगा लिया। जिससे उसका फोन हाथ से छूटकर ज़मीन पर गिर गया।
"प्लीज़, मेरी मदद करो," यह मीठी आवाज़ अरमान के कानों से टकराई और वह इसे सुनकर दंग रह गया।
उस लड़की के छोटे-छोटे हाथ अरमान की छाती पर जोर से जकड़े हुए थे। कुछ ही पलों में अरमान मुड़ा और देखा कि एक लड़की उसके सामने खड़ी थी, जो बमुश्किल उसकी छाती तक पहुंच रही थी। अरमान उसका चेहरा साफ नहीं देख पा रहा था क्योंकि रोशनी बहुत कम थी, लेकिन चेहरा देखे बिना ही उसे उस लड़की की तरफ एक अजीब सा खिंचाव महसूस हुआ।
उसी वक्त, वह लड़की अरमान की छाती के करीब आई और उसकी सांसें अरमान की छाती पर महसूस होने लगीं, जिससे अरमान की धड़कनें बढ़ गईं।
"मुझे तुम्हारी ज़रूरत है," लड़की ने फिर से कहा। यह सुनकर अरमान ने उसे खुद से अलग किया और उसका चेहरा अपने हाथों में लेकर ध्यान से देखने की कोशिश करने लगा।
"प्लीज़, प्लीज मेरी मदद करो। मुझे तुम्हारी ज़रूरत है," लड़की की आवाज़ में बेचैनी थी।
और अचानक, उसने झटके में अरमान के होंठों को चूम लिया।
यहाँ अरमान, जिसने न जाने कितनी लड़कियों के साथ रातें बिताई होंगी, लेकिन आज तक उसने किसी को अपने होंठों को छूने की इजाज़त नहीं दी थी।
लेकिन इस लड़की ने सीधे उसके होंठों पर निशाना साधा और हैरान करने वाली बात यह थी कि अरमान ने उसे रोका भी नहीं।
और इससे भी ज़्यादा, वह सोचने लगा कि यह लड़की कौन है। तभी उसके दोस्त के शब्द उसे याद आए, "आज मैं तेरे लिए ऐसी लड़की भेजूंगा कि तू ज़िंदगी भर उसे भूल नहीं पाएगा।"
अपने दोस्त की ये बात याद आते ही अरमान समझ गया कि यह वही लड़की है।
साथ ही, वह उसे लुभा रही थी और खुद ही उसके साथ अंतरंग होने के लिए उकसा रही थी।
लेकिन अरमान को रत्ती भर भी अंदाज़ा नहीं था कि वह कोई लुटेरी नहीं, बल्कि किसी के शैतानी खेल की शिकार है। नतीजा यह था कि वह नशे में इतनी धुत थी कि उसने सोचने-समझने की क्षमता खो दी थी।
कुल मिलाकर, यह रात गलतफहमियों, नशे और... सेक्स से भरी होने वाली थी।
इस बीच,
अरमान के हाथ लड़की के शरीर पर घूमने लगे और फिर उसने अपने होंठ लड़की से दूर किए, एक गहरी सांस ली और कहा, "तुम्हें अंदाज़ा नहीं है कि यह रात तुम्हारे लिए कितनी लंबी होने वाली है। तुम्हें इसका पछतावा होगा, क्योंकि मैं प्यारा सेक्स नहीं करता... मैं फक (fuck) करता हूँ! मैं फक करता हूँ, कच्चा, रफ और रग्ड।"
जैसे ही अरमान ने अपनी बात पूरी की, उसने लड़की के होंठों को इस तरह दबाया जैसे वह ज़िंदगी भर से इसी पल का इंतज़ार कर रहा हो।
जारी है........



![𝐀 𝐇𝐢𝐝𝐝𝐞𝐧 𝐎𝐛𝐬𝐞𝐬𝐬𝐢𝐨𝐧 | [𝟏𝟖+]](https://cdn-gcs.inkitt.com/vertical_storycovers/ipad_e0fb94fe65a927c0eeea71481a2de6fd.jpg?width=1920&quality=75)






