Prologue
"हसीन लड़के, मुझे बताए बिना यहाँ से जाने की हिम्मत भी मत करना," वह गुर्राते हुए बोला, जिससे Elliot कांप उठा, "अगर तुमने दोबारा भागने की कोशिश की, तो तुम्हें अपने कमरे में बांधने से मैं पीछे नहीं हटूंगा। तुम जानते हो कि मैं ऐसा करने में पूरी तरह सक्षम हूँ।"
Elliot ने एक गहरी सांस ली। वह कोशिश कर रहा था कि उसकी नज़दीकी उसे विचलित न करे और वह कोई समझदारी वाली बात कह सके।
"मुझे माफ़ कर दो," वह फुसफुसाया और अपनी आँखों में आए आँसुओं को झपकाकर साफ़ करने लगा।
"माफ़ी से काम नहीं चलेगा," Victor ने भावहीन चेहरे के साथ अपनी लाखों की घड़ी कलाई से उतारते हुए कहा।
Elliot के भागने की वजह डर नहीं थी, बल्कि वे अजीब सी भावनाएं थीं जो उसने महसूस करना शुरू कर दिया था। वह अच्छी तरह जानता था कि यह आदमी उसकी कोई परवाह नहीं करता। उसे तो बस उस व्यक्ति की परवाह है जो बिल्कुल Elliot जैसा दिखता है।
सामने खड़े उस आदमी के अगले शब्द सुनकर Elliot के होश उड़ गए।
"कपड़े उतारो।"