Prologue.
जब मैंने उसे पहली बार देखा था, तभी मुझे वहाँ से हट जाना चाहिए था।
मेरी हर अंतरात्मा मुझे खतरे का आगाह कर रही थी—लेकिन मेरा दिल, जो लापरवाह और नादान था, उसकी तरफ खिंचा चला गया।
उसकी नज़रें बस मुझे देख नहीं रही थीं। वे मुझे चीर रही थीं, मेरा वजूद उधेड़ रही थीं, जैसे उसे मेरे सारे राज़ पहले से पता हों। और फिर उसकी आवाज़ गूँजी—धीमी, बेरहम, एक ऐसा वादा जिसे मैं कभी नहीं भूल सकी:
"मैं तुम्हें धीरे-धीरे बर्बाद कर दूँगा।"
मुझे लगा उसने यह धमकी दी है।
मुझे कभी अंदाज़ा नहीं था कि यह किस्मत जैसा महसूस होगा।
Interesting right out of the gates..
Glad you’re intrigued!
Things are only going to get wilder from here 👀✨.
Giving it a try, how often do you plan on releasing new chapters ?