Prologue
अगर आप मुझे सुन सकती हैं दादी, तो मुझे माफ़ कर दीजिएगा। यह कोई Twilight नहीं है और न ही यहाँ कोई भी आदमी चमकता-धमकता है।
Authors Note
तैयार हो जाइए! यह काफी लंबी होने वाली है :)
सर्वाधिकार सुरक्षित ©
वह जंगलों में पली-बढ़ी, एक ऐसे परिवार की इकलौती उत्तरजीवी जो सर्वनाश और अलौकिक जीवों से छिपकर रह रहा था। फिर, एक बूढ़ी दादी के भेष में राशन के बदले सौदा करने की उसकी 'सुविचारित' कोशिश के बाद, एक वेयरवोल्फ, एक इनक्यूबस और एक फे (fae) ने उसे ढूंढ निकाला। अब, वह उनकी है। पुस्तक 1
अगर आप मुझे सुन सकती हैं दादी, तो मुझे माफ़ कर दीजिएगा। यह कोई Twilight नहीं है और न ही यहाँ कोई भी आदमी चमकता-धमकता है।
Authors Note
तैयार हो जाइए! यह काफी लंबी होने वाली है :)
बहुत पसंद आया
मज़ेदार
तीखा
रहस्यमय
भावनात्मक
गहन
दिल छू लेने वाला
चौंकाने वाला
अच्छा लेखन
रोचक कथानक
शानदार चरित्र
सशक्त संवाद
Wow, that cliffhanger at the end of the last chapter was intense! I have a few theories and some light feedback on the character dynamics—are you looking for constructive critiques at this stage, or should I just keep my 'cheerleader' hat on? Loving the vibe of this story!