प्रोलॉग: एक इनइलास्टिक कोलिजन
क्रिसमस से 6 महीने पहले
लिफ्ट की घंटी बजी और उसके दरवाजे धीमी आवाज़ के साथ खुल गए। बाहर आने वाली हवा में 'बेकेट कॉर्पोरेशन' की आर एंड डी विंग की साफ़-सुथरी और ओजोन जैसी महक थी—ताजे अल्कोहल वाइप्स, ठंडी हवा और पहले से ही चालू मशीनों की हल्की गूँज।
सैडी ने लंबी सांस ली। उसे अपने सीने में हमेशा की तरह सम्मान और थोड़ा घबराहट महसूस हो रही थी। यह जगह उस कॉफी के दागों वाली लैब से बहुत अलग थी जहाँ से वह संघर्ष करके बाहर निकली थी। यह एक आधुनिक, सटीक और महंगी दुनिया थी, जहाँ उसे साबित करना था कि वह यहाँ के काबिल है। और आज, अगर सब कुछ ठीक रहा, तो वह आखिर थियो बेकेट से वह मांग ही लेगी जिसकी उसे नींद से भी ज़्यादा ज़रूरत थी: 'फॉरेस्ट फैलोशिप' के लिए एक सिफारिश। फैलोशिप एक्सेप्टेंस कमेटी का चेयरमैन थियो का दोस्त भी था, और सैडी के लिए उसकी एक अच्छी सिफारिश बहुत मायने रखती थी। उसने अपनी फाइल पहले ही जमा कर दी थी और अब बस उसकी सिफारिश का इंतज़ार कर रही थी। बस एक हस्ताक्षर। एक बातचीत। बस... उसका थोड़ा सा ध्यान।
उसके जूतों की आवाज़ अंदर गूँजी, जो सुबह की खामोशी में कुछ ज़्यादा ही तेज़ लग रही थी। बढ़िया। प्रोफेशनल प्रभाव की शुरुआत तो बहुत शानदार हुई। उसने अपनी कॉफी, टैबलेट (जिसमें सिमुलेशन चल रहे थे) और वह नोटबुक कसकर पकड़ ली, जिसमें 'इक्वेशन 14-सी' ने उसे पूरी रात परेशान किया था। वह अभी संख्याओं की आखिरी लाइन देख ही रही थी कि हवा में एक धीमी, झुंझलाई हुई गाली गूँजी।
थियो बेकेट।
बेशक।
सीईओ, बेकेट कॉर्प का होनहार, एक किंवदंती, और लोगों की चर्चा का विषय—लिफ्ट कंट्रोल पैनल के पास ऐसे खड़ा था जैसे वह उसके हुक्म का इंतज़ार कर रहा हो। बाल बिखरे हुए, चश्मे पर लाइट की चमक, और वही पुरानी साइंस-पन वाली टी-शर्ट, जिसे देखकर लगता था कि उसे कपड़ों से ज़्यादा ज़रूरी चीज़ों की परवाह है।
वैसे उसे यहाँ होना नहीं चाहिए था। बड़े अधिकारी इस समय निजी रास्तों का इस्तेमाल करते थे। लेकिन थियो की अपनी एक छवि थी: वह सूरज निकलने से पहले आर एंड डी विंग में चक्कर लगाता था, कैलिब्रेशन चेक करता था और सिक्योरिटी लॉग्स देखता था, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि किसी ने बिना अनुमति के 'क्वांटम रेजोनेंस प्रोटोटाइप' को हाथ नहीं लगाया है। स्टाफ मज़ाक में कहता था कि वह लोगों से ज़्यादा मशीनों पर भरोसा करता है।
सैडी ने अपनी सुबह का समय ऐसे तय किया था कि उससे मुलाकात की संभावना बनी रहे। रोमांस के लिए नहीं—वह खुद को यह बात बार-बार याद दिलाती थी—बल्कि इसलिए कि अकेले में मिलने से उसके बिना किसी भीड़ के सिफारिश मांगने के चांस बढ़ जाते थे।
"गुड मॉर्निंग," उसने उत्साह दिखाते हुए कहा। "जल्दी उठने वाले को... टेस्ट ट्यूब मिलती है?"
उसने सामने देखा। कोई प्रतिक्रिया नहीं। चेहरे पर शिकन तक नहीं।
हमेशा की तरह। उसके हाव-भाव इतने सूक्ष्म थे कि उन्हें समझने के लिए स्पेक्ट्रोस्कोपी की ज़रूरत पड़ सकती थी।
लेकिन अगर उसे वह लेटर चाहिए था, तो उसे थियो की नज़रों में 'चलती-फिरती लैब की कचरा' से बढ़कर कुछ बनना था। उसने गला साफ किया। "मैं... मैं कल रात प्रोटोटाइप पैरामीटर्स पर काम कर रही थी। सोचा कि कैलिब्रेशन विंडो बंद होने से पहले कुछ शुरुआती जांच कर लूँ।" एक प्रोफेशनल इशारा। मकसद साफ था। पूरी तरह केंद्रित।
उसने अपना सिर थोड़ा झुकाया। एक सूक्ष्म स्वीकृति।
तरक्की।
तभी किस्मत ने क्रूरता दिखाई। उसने कॉफी ठीक करने की कोशिश की, मग टैबलेट से टकरा गया और गर्म तरल बाहर छलका और...
"ओह नहीं, नहीं, नहीं—"...उसकी टी-शर्ट पर गिर गया। सैडी बुरी तरह घबरा गई। "मुझे बहुत-बहुत अफ़सोस है, मुझे करने दीजिए—" उसने नैपकिन लेकर उसे साफ करने की कोशिश की, तभी उसे एहसास हुआ कि वह तो सीईओ की छाती को किसी खराब हो चुके रोबोट की तरह पोंछ रही है।
थियो जम गया। बिल्कुल स्थिर। जैसे कोई मशीन अनपेक्षित इनपुट प्रोसेस कर रही हो।
"यह... ठीक है," उसने कहा, आवाज़ सख्त थी लेकिन काबू में। "खतरनाक नहीं है।"
उसके गाल शर्म से जल उठे। "मैं कसम खाती हूँ कि मैं आम तौर पर ऐसी नहीं हूँ... मेरा मतलब है, मैं काफी काबिल हूँ, मतलब, ज़्यादातर दिन, बस आज को छोड़कर—"
उसकी आंखों में एक चमक आई, शायद उलझन, शायद मज़ाक, शायद दया। कह पाना नामुमकिन था।
वह पोंछती रही, उसके अपने हाथ पर कॉफी ज़्यादा लग गई थी। उसकी हथेली पर जलन महसूस हो रही थी, लेकिन थियो के शरीर से आने वाली गर्मी उसे कॉफी के गिरने से भी ज़्यादा परेशान कर रही थी।
तभी थियो की उंगलियों ने धीरे से उसकी कलाई पकड़ ली। कोमल। इरादे के साथ। उसे थामने के लिए। "सच में," उसने कहा। "यह ठीक है।"
लिफ्ट की गुनगुनाहट बढ़ गई जैसे वह उनकी मंजिल के करीब आ गई थी।
उसने थूक निगला और खुद को प्रोफेशनल बनने के लिए मजबूर किया। "ठीक है। माफ़ी चाहती हूँ। बस... आपकी सुबह खराब नहीं करना चाहती थी। या फिर अपने उस सिफारिश पत्र के चांस नहीं खोना चाहती थी जो आपको ही साइन करना है।"
उसकी आँखें उस पर टिक गईं, तीखी और अप्रत्याशित रूप से गौर करने वाली। "ओह," उसने धीरे से कहा। "तो इसीलिए तुम अपनी सुबह का समय मेरी सुबह के हिसाब से तय करती हो।"
उसके पेट में मरोड़ उठा। उसने ध्यान दिया? उसने ध्यान दे दिया! "मैं... हाँ। मेरा मतलब है, थोड़ा तो। मैं आपके काम और आपके शेड्यूल का सम्मान करती हूँ और आपको... पकड़ना मुश्किल है।"
उसने मुस्कुराया नहीं। लेकिन उसकी आंखों के पास की कठोरता थोड़ी कम हो गई।
लिफ्ट के दरवाजे खुल गए।
थियो पहले बाहर निकला, अपनी उसी दुनिया में वापस, कॉफी के दाग के साथ। सैडी ने अपनी नोटबुक को ढाल की तरह पकड़े हुए उसका पीछा किया। उसका दिल ज़ोरों से धड़क रहा था, इसलिए नहीं कि उसे उससे क्रश था जिसे वह मानने से इनकार कर रही थी, बल्कि उस डरावनी संभावना से कि उसने आखिर अपने लक्ष्य को उनके बीच उजागर कर दिया था।
वह नामुमकिन था। दूर रहने वाला। शानदार। और उसे उसकी नज़रों में सीरियस बनना था। लेकिन जैसे ही उसने देखा कि वह रुका और पीछे मुड़कर देखा, मानो अब वह उसकी मौजूदगी को पहले से अलग तरह से देख रहा हो, तो उसके अंदर उम्मीद की एक छोटी सी, नामुमकिन सी किरण जागी। शायद, बस शायद, वह छोटी सी गलती ही बर्फ तोड़ने का जरिया बन गई।
Fun first chapter! Great looked into both of them. Looking forward to the rest of it!