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स्काईलाइन की महारानियां: प्यार का तड़का

सर्वाधिकार सुरक्षित ©

सारांश

‘स्काईलाइन की महारानियां’ (Queens of the Skyline) सीरीज से पेश है ‘ब्रूइंग लव’ (Brewing Love), जो सत्ता, जुनून और अनपेक्षित प्रेम की एक दास्तान है। -- स्टेसी होलोवे को हर चीज़ अपने नियंत्रण में रखना पसंद है, लेकिन ज़ो रिवेरा उसकी ज़िंदगी में हंसी, गर्माहट और ऐसी हलचल लेकर आती है जिसे वह नज़रअंदाज़ नहीं कर सकती। कॉफी का एक प्याला, तूफानी रात और अनपेक्षित जुड़ाव के वे शांत पल स्टेसी की दुनिया को पूरी तरह बदलने पर आमादा हैं। क्या महत्वाकांक्षा और दिल के बीच की इस दूरी को प्यार पाट पाएगा? -- ⚠️ कंटेंट वॉर्निंग: इस किताब में मैच्योर थीम्स, अभद्र भाषा और स्पष्ट यौन सामग्री है जो केवल वयस्क पाठकों के लिए है। पाठकों से विवेक बरतने का अनुरोध है।

शैली
Lgbtq
लेखक
KheioValeir
स्थिति
पूरी
अध्याय
73
रेटिंग
3.6 (5 समीक्षाएँ)
आयु रेटिंग
18+

THE COFFEE SHOP COLLISION

**THE COFFEE SHOP COLLISION**

लूमा कैफे (Luma Café) की हवा में भुनी हुई कॉफी बीन्स और जली हुई कैरामेल की महक घुली हुई थी। यह स्टेसी होलोवे की सबसे पसंदीदा जगह थी—शहर के बीचों-बीच छिपा एक छोटा सा कॉफी कैफे।

वह अभी पेरिस से वापस लौटी थी, और दफ्तर जाने से पहले यह उसका पहला पड़ाव था—दिन की शुरुआत के लिए एक जाना-पहचाना सुकून। लाइन काफी धीमी चल रही थी, लेकिन स्टेसी को इंतजार करने की कोई ज़रूरत नहीं थी।

जैसे ही उसने अंदर कदम रखा, सबकी निगाहें उस पर टिक गईं। लोग उसकी सहज सुंदरता और आत्मविश्वास के कायल थे—एक ऐसा आत्मविश्वास जो न सिर्फ लोगों को मुड़ने पर मजबूर कर देता था, बल्कि बातों का सिलसिला भी थाम लेता था। मैनेजर को, जो उसे नाम से जानता था, एक विनम्र सिर झुकाकर अभिवादन करते हुए, स्टेसी लंबी लाइन को छोड़कर सीधे काउंटर की तरफ बढ़ गई।

उससे कुछ कदम आगे, ज़ो रिवेरा ने अपनी सफेद शर्ट की आस्तीन ठीक की। उसके टेलर्ड ब्लेज़र की साफ कटिंग उसके आत्मविश्वास को बखूबी बयां कर रही थी। वह अपनी टीम को जल्दी से एक स्लैक मैसेज टाइप कर रही थी और उसके पॉलिश किए हुए लेदर के जूते फर्श पर धीमी आवाज़ कर रहे थे। वह दिखावटी नहीं थी, लेकिन उसके व्यक्तित्व में एक शांत भरोसा था—वह एक ऐसी लड़की थी जो अपनी ज़िम्मेदारी जानती थी। डिज़ाइन और स्ट्रैटेजी टीम को संभालना, डेडलाइन्स का दबाव झेलना और स्टेसी होलोवे की अंतहीन मांगें पूरी करना उसका रोज़ का काम था। यह कॉफी शॉप दिन भर की भागदौड़ से पहले उसका छोटा सा ठिकाना था।

ज़ो का ऑर्डर पहले ही लग चुका था और कप पर "स्टेसी" लिखा था। क्योंकि उसका असली नाम बताने में बहुत समझाना पड़ता था, और उसकी बॉस का नाम लेने पर हमेशा सबसे अच्छी सर्विस मिलती थी। ज़ो ने यह तरकीब महीनों पहले ढूंढी थी और वह इसे बिना किसी पछतावे के इस्तेमाल करती थी।

कॉफी बहुत ही धीमी गति से बन रही थी—स्टेसी होलोवे के लिए तो यह रफ़्तार नामुमकिन सी थी। उसने अपनी चमकती हुई कार्टियर घड़ी पर बेसब्री से देखा। उसके हील्स फर्श पर टिक-टिक कर रहे थे। वह वहां खड़ी थी—हमेशा की तरह सजी-धजी, परफैक्ट नाखून, और होठों पर बोल्ड लाल लिपस्टिक जो उसकी मौजूदगी का अहसास करा रही थी।

"स्टेसी के लिए लट्टे!" बरिस्ता ने आवाज़ लगाई।

दोनों महिलाएं आगे बढ़ीं।

दोनों का हाथ एक ही कप पर पड़ा।

उनकी उंगलियां आपस में टकराईं।

वे वहीं ठिठक गईं।

ज़ो ने पलकें झपकाईं और अपनी बगल में खड़ी लंबी, सजी-धजी महिला को गौर से देखा। "तुम स्टेसी हो?"

उस महिला ने अपनी एक भौंह ऊपर उठाई। "तुम स्टेसी जैसी नहीं दिखती।"

ज़ो ने तंज कसा, "मज़ाक अच्छा है। मैं ही स्टेसी हूँ।"

"सच में?" उस महिला ने ठंडे लहजे में पूछा। "क्योंकि मेरा नाम स्टेसी है। और यह मेरी लट्टे है।"

ज़ो ने अपने हाथ छाती पर बांध लिए। "दालचीनी फोम वाली डबल-शॉट ओट मिल्क लट्टे?"

एक पल की खामोशी। फिर जवाब आया: "ज़ाहिर सी बात है।"

"ठीक है। यह मेरा ऑर्डर है," ज़ो ने कप को और मजबूती से पकड़ते हुए कहा।

स्टेसी के होंठ थोड़े फड़फड़ाए—पूरी मुस्कान तो नहीं, पर कुछ वैसा ही। "तुम्हें सच में लगता है कि तुम इसे अपने पास रख सकोगी?"

ज़ो एक कदम पीछे हटी, कप उठाया और एक घूंट भरा। "लगता तो है कि मैंने रख लिया है।"

खामोशी छा गई।

फिर स्टेसी हंसी, और उसके चेहरे की सख्ती थोड़ी कम हो गई। "तुम या तो बहुत बहादुर हो या बहुत बेवकूफ।"

ज़ो मुस्कुराई, उसकी घबराहट थोड़ी कम हुई। "शायद तुम्हें जल्द ही पता चल जाएगा।"

उन्होंने एक आखिरी बार एक-दूसरे को देखा—तेज़, उत्सुक, जैसे दो योद्धा एक-दूसरे को परख रहे हों।

ज़ो ने कप उठाया, धीरे से एक घूंट लिया, और पीछे मुड़कर देखे बिना कैफे से बाहर निकल गई। उसके पीछे दरवाज़े पर लगी घंटी बजी।

स्टेसी वहीं खड़ी रही, कैफे की गर्माहट के बीच, तभी उसने बरिस्ता को फिर से चिल्लाते सुना, "स्टेसी के लिए लट्टे!"

उसके होठों पर एक हल्की सी मुस्कान तैर गई। जो लड़की उसकी कॉफी लेकर चली गई थी, उसकी हिम्मत देखकर उसे मज़ा आया। उसने धीरे से अपना सिर हिलाया।

"खैर," स्टेसी बुदबुदाई, "यह... उम्मीद से परे था।"

उसने एक गहरी सांस ली, और अपना कप उठाया, कैफे के शांत माहौल का आनंद लिया जबकि ज़ो के पीछे दरवाज़ा बंद हो गया था।

**MEET THE BOSS**

दफ्तर में, ज़ो का ध्यान बार-बार उसी महिला की तरफ जा रहा था—स्टाइल और एटीट्यूड का वो तूफ़ान जिसे वो चाहकर भी भुला नहीं पा रही थी।

वैसे, "महिला" कहना तो बहुत छोटा शब्द होगा। वो तो किसी हादसे की तरह थी—फैशन का एक तूफ़ान, जिसके पास चलने के लिए लंबे पैर और चेहरे पर वो तिरछी मुस्कान वाले लाल होंठ थे।

ज़ो पूरा दिन उस कॉफी वाली घटना के बारे में सोचती रही। उसकी आवाज़। उसका वो मज़ाकिया अंदाज़। वो हंसी।

उसे तो अपनी असली कॉफी भी नसीब नहीं हुई, बस ऑफिस की किचन से आम लोगों की तरह ब्लैक कॉफी पीकर काम चलाना पड़ा।

अब, वह अपने केबिन की शांति में बैठी थी, एक पुराना स्टाइलस पकड़े हुए और हर कुछ सेकंड में अपना इनबॉक्स रिफ्रेश कर रही थी।

तभी, उसकी टीम की सदस्य जेनी, शरारती मुस्कान लिए उसकी डेस्क तक आई।

"ज़ो, बड़ी खबर है," उसने अपनी आवाज़ धीमी करते हुए कहा। "सुश्री स्टेसी होलोवे पेरिस से वापस आ गई हैं। वह बिल्डिंग में हैं और आज काम पर आएंगी।"

ज़ो की सांसें थम गईं। "ईमेल मिल गया था मुझे," उसने धीरे से कहा, उसकी नज़रें स्क्रीन पर ब्लिंक करते कर्सर पर टिकी थीं।

उसे तो यह भी ठीक से नहीं पता था कि स्टेसी दिखती कैसी है। जब ज़ो को नौकरी मिली थी, स्टेसी महीनों से पेरिस में थी। वे कभी आमने-सामने नहीं मिली थीं—बस कहानियां सुनी थीं, ईमेल में धुंधली तस्वीरें देखी थीं और ऑफिस की गपशप सुनी थी।

जेनी ज़ो की डेस्क के कोने पर बैठ गई और फुसफुसाते हुए बोली, "तुम्हें पता है, मैंने भी उन्हें पहले कभी नहीं देखा—वह इतने लंबे समय से बाहर थीं। लेकिन अफ़वाहें साफ हैं: वह बहुत हॉट हैं। सच में, ऐसी महिला जो हॉल से गुज़रे तो सबकी गर्दनें मुड़ जाएं। और सबसे बड़ी बात—वह सालों से सिंगल हैं। सुना है लड़कियों में इंटरेस्ट रखती हैं, शायद यह तुम्हारा मौका है। आगे बढ़ो, कुछ ट्राई करो।"

ज़ो ने पलकें झपकाईं, इस सुझाव से वह हैरान रह गई। उसके गाल लाल हो गए। "टिप के लिए शुक्रिया, जेनी।"

जेनी ने आंख मारी। "बस कह रही थी। कोशिश करने में क्या हर्ज है।"

ज़ो ने जबरदस्ती एक मुस्कान दी लेकिन वह घबराहट दूर नहीं कर पाई, जिसका काम से कोई लेना-देना नहीं था।

तभी उसके फोन पर मैनेजर का ईमेल आया:

"तैयार रहो। सुश्री होलोवे पेरिस से वापस आ गई हैं। 10 मिनट में पूरी स्टाफ मीटिंग है। हां, वही सुश्री होलोवे।"

उसकी सैलरी चेक पर नाम वाली महिला। वही जिसके नाम का सहारा लेकर वह कॉफी शॉप में खुद को स्टेसी बताती थी। वह एक किंवदंती थी।

दस मिनट बाद, हील्स की तेज़ और लयबद्ध आवाज़ शांत हॉल को चीरते हुए आई, जैसे कोई चेतावनी हो। दरवाज़ा खुला और स्टेसी होलोवे दफ्तर में दाखिल हुईं—ताकत और सुंदरता का एक चलता-फिरता रूप। हर हरकत के साथ रेशमी कपड़े सरसराहट पैदा कर रहे थे; उनका आत्मविश्वास उन पर किसी परफ्यूम की तरह छाया हुआ था।

ज़ो की सांसें इतनी ज़ोर से अटकीं कि उसे दम घुटने लगा।

क्योंकि वह वही थी।

वही मुस्कान—इतनी तेज़ कि कांच भी कट जाए।

वही आवाज़—धीमी, नपी-तुली, कभी न भूलने वाली।

वो टेलर्ड बाजू—बिल्कुल सटीक, बेदाग।

ज़ो के चेहरे पर गर्मी बढ़ गई जैसे ही कड़वा सच सामने आया।

उसने अपनी ही बॉस की कॉफी चुराई थी।

उनकी नज़रें टकराईं। वक्त थम सा गया।

स्टेसी के चेहरे पर एक पल के लिए हैरानी आई—एक धड़कन के लिए—कुछ ऐसा जो उसके मुखौटे को तोड़ गया।

फिर, जैसे कोई पर्दा गिर गया हो, वही मुस्कान वापस आ गई। नियंत्रित। समझदार। खतरनाक।

स्टेसी ने टीम की तरफ मुड़कर, एस्प्रेसो जैसी स्मूथ आवाज़ में कहा:

"गुड मॉर्निंग। मैं स्टेसी होलोवे हूँ। आप में से कुछ मुझे जानते हैं। कुछ लोग बनने का नाटक करते हैं।"

उसकी नज़रें जानबूझकर ज़ो पर टिकीं।

ज़ो अपनी कुर्सी में और नीचे दब गई।

"मैं यह जानने के लिए बहुत उत्सुक हूँ कि मेरी अनुपस्थिति में यह टीम कैसे काम करती है," स्टेसी ने आगे कहा। "खासकर... पहचान प्रबंधन (identity management) के मामले में।"

एक और कटाक्ष भरी नज़र।

ज़ो ने नीचे देखा, खुद को पूरी तरह से बेनकाब महसूस करते हुए। खत्म। वह मर चुकी थी।

स्टेसी कॉन्फ्रेंस रूम से बाहर निकली, उसकी हील्स फर्श पर तेज़ आवाज़ कर रही थीं। जनरल मैनेजर मार्क उसके साथ कदम मिलाने के लिए जल्दी से चल पड़े।

उसने पीछे मुड़कर देखा, आंखें सिकोड़ते हुए। "सफेद ब्लाउज और ब्लेज़र वाली वह महिला कौन है? जिसने मुझे ऐसे घूरा जैसे मैं अतीत का कोई भूत हूँ?"

मार्क की मुस्कान खिंची हुई थी, लगभग मज़ाकिया। "ज़ो रिवेरा। हेड ऑफ डिज़ाइन एंड स्ट्रैटेजी टीम। स्मार्ट। महत्वाकांक्षी। अप्रत्याशित।"

स्टेसी ने अपनी बाहें बांधते हुए भौहें सिकोड़ीं, उसकी आवाज़ धीमी और सख्त थी। "अप्रत्याशित होना खतरनाक हो सकता है। मैं उस पर कड़ी नज़र रखूंगी।"

मार्क की हंसी सूखी थी। "उसमें आग है—इतनी कि वह दीवारें जला दे या रास्ता रोशन कर दे।"

स्टेसी की नज़रें सामने टिकी थीं, ठंडी और गणना करती हुई। "अच्छा है। देखते हैं कि क्या वह तूफान के लिए तैयार है—या फिर वह उसमें बह जाने वाली है।"

अध्याय
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अच्छा लेखन

4

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रोचक कथानक

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सशक्त संवाद

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