YOU WERE NEVER TOO MUCH
मैंने यह तब लिखा था जब मुझे समझ नहीं आ रहा था कि आगे कैसे बढ़ूँ। यह मेरे और शायद आप जैसे उन लोगों के लिए साठ पत्र हैं... जिन्हें यह सुनने की ज़रूरत थी कि ठहर जाना असफलता नहीं है, संवेदनशीलता कमजोरी नहीं है, और कहानी अभी खत्म नहीं हुई है।
उस लेखक के लिए जिसे अपना लिखा हुआ ही पसंद नहीं आ रहा।उस इंसान के लिए जो अभी भी उस माफ़ी का इंतज़ार कर रहा है जो कभी नहीं मिलेगी।उस व्यक्ति के लिए जिसने अदृश्य रहना सीख लिया था और अब वापस अपनी पहचान नहीं ढूंढ पा रहा।मैंने यह सब इस उलझन के बीच से लिखा है, किसी सुखी किनारे से नहीं। यहाँ न तो कोई हीलिंग आर्क है और न ही प्रेरणा का दिखावा। बस अंधेरे में बैठा कोई और इंसान है, जो अपना हाथ बढ़ा रहा है।अस्वीकरणमैं कोई थेरेपिस्ट, डॉक्टर या मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ नहीं हूँ। ये पत्र मेरे अपने अनुभवों से हैं, न कि किसी क्लिनिकल ट्रेनिंग से।सामग्री चेतावनीआघात (Trauma), बदमाशी (स्कूल/परिवार/ऑनलाइन), खुद को नुकसान पहुँचाना, आत्महत्या के विचार, डिप्रेशन, एंग्जायटी, भावनात्मक शोषण, गैसलाइटिंग।यह विषय गंभीर है। कृपया अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दें।• जो पत्र आपको बहुत भारी लगें, उन्हें छोड़ दें• जब भी मन करे, पढ़ना बंद कर दें• अगर आप संघर्ष कर रहे हैं, तो पेशेवर मदद लेंआपको इसे पढ़ने की कोई मज़बूरी नहीं है।इसे पूरा करने के लिए आप बाध्य नहीं हैं।








