Prologue The Night he buys her
यासमीना
मैंने उसे देखने से पहले ही उससे नफरत करना शुरू कर दिया था।
पूरा कमरा महंगी इत्र और अपमान की महक से भरा था।
आदमी एक लंबी मेज के चारों ओर बैठे थे, मेरे भविष्य पर चर्चा कर रहे थे जैसे मैं कोई वस्तु हूँ।
मानो मैं वहाँ खड़ी ही न थी।
"जैसा तय हुआ था," मेरे चाचा ने घबराते हुए कहा, "शादी का अनुबंध तुरंत ट्रांसफर कर दिया जाएगा।"
शादी का अनुबंध, प्यार नहीं, एक सौदा था।
मेरे काले गाउन के नीचे मेरी उंगलियां मेरी हथेलियों में गड़ गईं, जबकि मेरे सीने में गुस्सा धधक रहा था।
तभी दरवाजे खुले।
और खलील अंदर आया।
उसके आते ही सन्नाटा छा गया।
आठ साल हो गए, जब वह लड़का जिसे मैं प्यार करती थी, बिना किसी सफाई के गायब हो गया।
आठ साल हो गए, जब उसने मुझे इस परिवार के भरोसे छोड़ दिया था।
आठ साल तक मैं यह सोचकर रोती हुई सोती रही कि मैं रुकने लायक ही नहीं थी।
और अब—
वह और अमीर होकर लौटा था। ज्यादा कठोर। शादीशुदा।
और डरावनी हद तक ताकतवर।
उसकी नजरें फौरन मुझ पर टिकीं।
वही गहरी, खतरनाक आँखें जो कभी सिर्फ मेरे लिए नरम पड़ती थीं।
लेकिन आज रात उनमें कुछ और भी था।
अधिकार की भावना।
"तुम देर से आए हो," वहां बैठे एक आदमी ने घबराहट में मजाक किया।
खलील ने एक पल के लिए भी मुझसे नजरें नहीं हटाईं।
"मैं आ गया," उसने शांत भाव से कहा, "जैसे ही मैंने सुना कि कोई और उस चीज को छूने की योजना बना रहा है, जो मेरी है।"
मेरी सांसें तेजी से रुक गईं।
पूरा कमरा जम सा गया।
मुझे इतना तेज गुस्सा आया कि मेरा दम घुटने लगा।
मेरी चीज?
मुझे छोड़ देने के बाद?
किसी और औरत से शादी करने के बाद?
खलील धीरे-धीरे करीब आया।
एक ऐसे शिकारी की तरह जो खुद पर पूरा काबू रखता हो।
और जब वह मेरे सामने रुका, तो उसकी आवाज इतनी धीमी हो गई कि सिर्फ मैं सुन सकूं।
"मैंने कहा था ना कि मैं तुम्हारे पास वापस आऊंगा, हबीबती।"
मेरी आँखों में तुरंत जलन सी महसूस हुई।
"तुम्हें मुझे अब उस नाम से पुकारने का कोई हक नहीं है।"
उसके चेहरे पर सिर्फ एक पल के लिए दर्द की लकीर उभरी।
फिर वह उसके सख्त चेहरे के पीछे गायब हो गई।
"बहुत देर हो चुकी है," उसने धीमी आवाज में कहा।
उसका हाथ धीरे-धीरे मेरे चेहरे की तरफ बढ़ा।
और जब उसने मुझे छुआ तो कांपने के लिए मुझे खुद से ही नफरत होने लगी।
"क्योंकि तुम हमेशा से मेरी थी।"
खलील ने यासमीना को टूटा हुआ, बेसहारा और अपमानित छोड़ दिया था।
आठ साल बाद, वह एक ऐसे साम्राज्य के साथ लौटा है जो उसे आजादी दिलाने के लिए काफी ताकतवर है—और शादी का अनुबंध पहले से ही तैयार है।
लेकिन एक समस्या है।
खलील पहले से ही शादीशुदा है।
ईर्ष्या, पारिवारिक राजनीति, जुनून और खतरनाक प्यार की दुनिया में फंसी यासमीना को यह फैसला करना है कि जिस आदमी ने उसका दिल तोड़ा, क्या वही उसे बचा भी सकता है।
और खलील?
उसने कभी यह मानना नहीं छोड़ा कि वह उसकी अपनी है।
too many one-liners
Thank you for the honest feedback! ❤️ I appreciate hearing readers' experiences. The one-liners are part of my style, but I understand there may be too many in some scenes.
I'm always learning, so this helps. Thanks for taking the time to comment, and I hope you'll keep reading and sharing your thoughts.
Be strong, Yasmina. Be strong! 💪