Chapter 1
यूनिवर्सिटी का पहला दिन एक नई शुरुआत जैसा महसूस होना चाहिए था।
यही बात हर कोई Maya Carter से कह रहा था।
नया कैंपस।
नए प्रोफेसर।
नए लोग।
हाई स्कूल को पीछे छोड़ने का एक मौका।
वह इस पर विश्वास करना चाहती थी।
सच में चाहती थी।
Winter Harbor University में छात्रों की हलचल थी। नए छात्र हाथ में नक्शे और कॉफी लिए कैंपस में घूम रहे थे।
Maya ने अपने बैग की स्ट्रैप ठीक की और कम्युनिकेशंस बिल्डिंग की सीढ़ियाँ चढ़ने लगी।
Journalism 101.
उसकी पहली क्लास।
उसका पसंदीदा विषय।
कम से कम... पहले तो यही था।
वह लेक्चर हॉल के बाहर रुकी और अंदर जाने से पहले एक गहरी सांस ली।
कमरा लगभग पूरा भर चुका था।
सीटों की कतारों के बीच बातचीत गूँज रही थी।
पीछे कहीं कोई हँस रहा था।
एक प्रोफेसर पोडियम के पीछे अपने नोट्स सेट कर रहे थे।
Maya ने चुपचाप कमरे पर नज़र दौड़ाई।
एक खाली सीट थी।
सिर्फ एक।
उसका दिल बैठ गया।
नहीं।
वह नहीं।
Nicholas Hayes बीच की कतार में बैठा था और हॉकी टीम के किसी खिलाड़ी से बात करते हुए कुर्सी पर पीछे झुका हुआ था।
उसकी नोटबुक पहले से ही खुली थी।
उसके लैपटॉप के पास ही कॉफी रखी थी।
उसने उसी पल ऊपर देखा जब Maya ने उसे देखा।
उसके आस-पास हो रही बातचीत रुक गई।
एक पल के लिए...
दोनों में से कोई नहीं हिला।
Maya का पहला मन हुआ कि वो वापस मुड़ जाए।
वह क्लास छोड़ सकती थी।
कह सकती थी कि वह गलत लेक्चर में आ गई थी।
कुछ भी।
कुछ भी मंज़ूर था, बस Nicholas Hayes के बगल में नब्बे मिनट बैठना नहीं।
लेकिन Professor Bennett ने क्लासरूम का दरवाज़ा बंद कर दिया।
"गुड मॉर्निंग, एवरीवन।"
अब बहुत देर हो चुकी थी।
Maya ने अपने गले में आए ढोंक को निगला और गलियारे से आगे बढ़ी।
हर कदम पहले से भारी लग रहा था।
Nicholas ने उसे आते हुए देखा।
उसके चेहरे के भाव हल्के से बदले।
हैरानी।
फिर कुछ ऐसा, जो पछतावे जैसा लग रहा था।
बिना कुछ कहे, वह खड़ा हुआ और गलियारे में आ गया ताकि उसे खाली सीट तक जाने का रास्ता मिल सके।
"थैंक्स," वह बुदबुदाई।
उसने एक बार सिर हिलाया।
"हूँ।"
बस इतना ही।
न मुस्कान।
न कोई बातचीत।
कुछ भी नहीं।
वह बैठ गई।
डेस्क पर नोटबुक रखी।
सीधे सामने देखने लगी।
Professor Bennett ने अपना परिचय दिया और सेमेस्टर की रूपरेखा समझानी शुरू की।
इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्टिंग।
इंटरव्यू की तकनीक।
मीडिया एथिक्स।
स्टोरीटेलिंग।
वैसे तो Maya हर एक बात नोट कर लेती।
आज...
उसका ध्यान नहीं लग रहा था।
उसे अपने से दो फीट की दूरी पर बैठे व्यक्ति का एहसास हो रहा था।
उसे यह बात नागवार गुज़र रही थी।
उसके बगल में, Nicholas का भी यही हाल था।
जैसे ही Maya कमरे में आई थी, उसने उसे देख लिया था।
उसने उसे यहाँ देखने की उम्मीद नहीं की थी।
यहाँ तो बिल्कुल नहीं।
सब कुछ होने के बाद।
उसने पूरे साल में सौ बार माफ़ी मांगने की प्रैक्टिस की थी।
अब उनमें से कुछ भी संभव नहीं लग रहा था।
खासकर तब, जब वह इतनी गहराई से सामने देख रही थी कि उसने एक बार भी उसकी तरफ नहीं देखा था।
उसे लगा कि क्या वह कभी दोबारा उसकी तरफ देखेगी भी या नहीं।
नब्बे मिनट अंतहीन लग रहे थे।
Professor Bennett छात्रों से सवाल पूछ रही थीं।
स्लाइड्स बदल रही थीं।
पेन नोटबुक पर चल रहे थे।
बाहर, पतझड़ की पहली बारिश लेक्चर हॉल की खिड़कियों पर धीरे-धीरे दस्तक दे रही थी।
और अंदर...
दोनों के बीच सन्नाटा पसर गया था।
यह असहज सन्नाटा नहीं था।
न ही यह अजीब था।
यह वह खामोशी थी जो बरसों से अनकही बातों के कारण पैदा होती है।
एक बार...
दोनों के हाथ एक साथ उस कोर्स आउटलाइन की तरफ बढ़े जो बीच में पड़ी थी।
Maya ने तुरंत अपना हाथ पीछे खींच लिया।
"तुम रख लो," Nicholas ने धीरे से कहा।
उसने आँखें मिलाए बिना सिर हिला दिया।
"थैंक्स।"
बस इतनी ही बातचीत हुई दोनों के बीच।
जब लेक्चर खत्म हुआ, तो कुर्सियों की आवाज़ के साथ छात्र अपना सामान पैक करने लगे।
Maya ने जितनी जल्दी हो सके, अपना बैग ज़िप किया।
वह खड़ी हो गई।
Nicholas भी खड़ा हो गया।
पूरी सुबह में पहली बार...
उनकी नज़रें मिलीं।
एक पल के लिए हज़ारों यादें उनके बीच से गुज़र गईं।
बचपन के जन्मदिन की पार्टियाँ।
बर्फ के गोलों से लड़ाई।
हार्बर पर बिताई गर्मियों की दोपहर।
फिर...
हाई स्कूल।
स्कॉलरशिप।
फुसफुसाहटें।
और सन्नाटा।
Maya ने सबसे पहले अपनी नज़रें हटा लीं।
बिना कुछ बोले, वह बाहर की तरफ चल दी।
Nicholas ने उसे गलियारे में छात्रों की भीड़ में गायब होते देखा।
उसने एक गहरी सांस छोड़ी।
एक क्लास।
एक खाली सीट।
और किसी तरह...
जिसे भूलने की कोशिश में उसने एक पूरा साल बिता दिया था, वही लड़की अब सेमेस्टर खत्म होने तक हर सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को उसके बगल में बैठने वाली थी।
उसे समझ नहीं आ रहा था कि इसे अपनी बदकिस्मती कहे।
या फिर सच बताने का पहला मौका।








