Prologue
महल जल रहा था।
चांदी के वे झंडे जो सदियों से Moon Kingdom के ऊपर शान से लहराते थे, राख बनकर उड़ रहे थे और लपटें रात के आसमान को छू रही थीं।
गलियारों में तलवारों के टकराने की आवाज़ गूंज रही थी।
आग की चड़चड़ाहट के नीचे सैनिकों की चीखें सुनाई दे रही थीं।
King Cassian Evren सिंहासन कक्ष के दरवाजों पर खड़े थे, उनकी तलवार खून से सनी थी, और वे एक कदम भी पीछे हटने को तैयार नहीं थे।
उनके पीछे, Queen Elara अपनी सोती हुई बेटी को सीने से लगाए खड़ी थीं।
बच्ची हलकी सी हिली, उसे खबर भी न थी कि उसकी दुनिया खत्म हो रही थी।
"इसे ले जाओ।"
इतनी अफरा-तफरी के बीच भी राजा की आवाज़ शांत थी।
एक शूरवीर आगे बढ़ा।
उसका चांदी का कवच टूट चुका था।
उसके हाथ कांप रहे थे।
"मैंने आपकी रक्षा करने की कसम खाई थी, महाराज।"
Cassian ने अपना एक हाथ शूरवीर के कंधे पर रखा।
"आज रात..."
"तुम हमारे भविष्य की रक्षा करो।"
रानी ने बच्ची के माथे को चूमा।
"उससे कहना कि उसे बहुत प्यार किया गया था।"
आंसुओं से शूरवीर की नज़रें धुंधली हो गईं।
"मैं कहूँगा।"
महल एक भीषण धमाके से हिल उठा।
विशाल दरवाजे टूटने लगे थे।
दुश्मन आ चुका था।
Cassian ने एक आखिरी गहरी सांस ली।
फिर वे मुस्कुराए।
"Moon Kingdom अमर रहे।"
दरवाजे जोर से खुल गए।
सिंहासन कक्ष में अंधेरा छा गया।
शूरवीर मुड़ा और भाग खड़ा हुआ।
उसके पीछे...
राजा और रानी ने पीछे मुड़कर नहीं देखा।
सुबह होते-होते...
Moon Kingdom का मानना था कि उनका शाही परिवार हमेशा के लिए गायब हो चुका है।
सिर्फ चांद ही सच का गवाह था।
और उसकी चांदी जैसी रोशनी के नीचे...
एक वादा बच गया था।
एक ऐसा वादा जिसे पूरा होने के लिए बीस साल का इंतज़ार करना था।