अध्याय 1
मिली प्रोफेसर ब्लैकवुड के दफ्तर के बाहर खड़ी थी। उसका हाथ आधा उठा हुआ था और वह सोच रही थी कि क्या उसका दिमाग पूरी तरह से फिर गया है।
एंजेल की बातें उसके दिमाग में बार-बार गूंज रही थीं। 'ऐसा लगता है कि प्रोफेसर ब्लैकवुड को घुमावदार लाल बालों वाली लड़कियाँ पसंद हैं। बस कोशिश करके देख। तुझे असल में कुछ करना नहीं है। बस शायद... थोड़ा फ्लर्ट कर ले। थोड़ा रो भी लेना। वह आखिर मर्द है। वह अपना फैसला बदल लेगा।'
जब वह सबसे ज्यादा हताश थी, तब यह उसे मुमकिन लगा था।
अब, बंद दरवाजे को घूरते हुए, यह पागलपन लग रहा था।
उसने अपने आप पर एक नजर डाली।
फटी हुई जीन्स जो अब पुरानी हो चुकी थी। सस्ते स्नीकर्स जो उसने दो साल पहले सेल में खरीदे थे। ओवरसाइज स्वेटर के नीचे उसके पेट का उभार, जिसे उसने आदत के चलते नीचे खींच लिया।
कितना बेतुका है।
पूरा कैंपस पार करके आने तक वह खुद को यही समझाती रही कि उसके शरीर से कोई फर्क नहीं पड़ता। वह यहाँ इसलिए थी क्योंकि उसे मदद चाहिए थी।
वह बाईस साल की थी, छह साल की बच्ची की अकेली माँ थी, तीन नौकरियां कर रही थी, कर्ज में डूबी थी, और वह स्कॉलरशिप खोने वाली थी जो उसे किसी तरह डूबने से बचा रही थी।
जब उसकी जिंदगी खुद बिखर रही हो, तो उसके पास किसी दफ्तर के बाहर खड़े होकर अपनी मोटी जांघों को लेकर परेशान होने का वक्त नहीं था।
बेबीसिटर ने फिर से अपने पैसे बढ़ा दिए थे। मकान मालिक चाहता था कि लीज खत्म होते ही वह घर खाली कर दे। और डीन का पत्र उसके बैग में रखा था, जिसमें चेतावनी दी गई थी कि अगर उसके ग्रेड नहीं सुधरे तो स्कॉलरशिप खत्म कर दी जाएगी।
वह इसे खो नहीं सकती थी।
खासकर तब जब माया पूरी तरह उस पर निर्भर थी।
खासकर तब जब कॉलेज ही उसके आगे बढ़ने का एकमात्र जरिया था।
भाड़ में जाए सब।
वह यह करेगी।
उसने दरवाजा खटखटाया।
कोई जवाब नहीं आया।
बिल्कुल। वह मुड़कर जाने ही वाली थी, थोड़ी राहत महसूस कर रही थी, तभी उसके पीछे दरवाजा खुल गया।
"क्या तुम्हें कुछ चाहिए, सुश्री कार्टर?"
मिली डर के मारे उछल पड़ी।
वह पीछे घूमी और उसे उसकी आँखों में देखने के लिए अपना सिर काफी ऊपर उठाना पड़ा।
प्रोफेसर ब्लैकवुड पास से और भी रौबदार लग रहे थे—लंबे, बिल्कुल सलीके से तैयार, काले बाल संवरे हुए, वे तेज ग्रे आँखें उसे ऐसे देख रही थीं जैसे वह कोई ऐसी परेशानी हो जिससे वह निपटना नहीं चाहते।
उनके होंठ एक पतली रेखा में खिंचे थे। यहाँ तक कि जब वह गुस्से में नहीं भी होते थे, तब भी उनके घूरने के अंदाज में कुछ बेचैन कर देने वाला होता था।
और जब वह गुस्से में होते थे, तो लोगों को लगता था कि वे बस दो इंच के रह गए हैं।
मिली को हमेशा लगता था कि वह किसी शिकार पर नजर गड़ाए बाज़ जैसे दिखते हैं।
उसके पैर कांप रहे थे।
"म-मैं आपसे बात करना चाहती थी, सर।"
एक काली भौंह हल्की सी ऊपर उठी। "अभी ऑफिस का समय नहीं है।"
ओह नहीं।
"सर, मैं सच में—"
उन्होंने उसकी बात काट दी।
"अंदर आओ। तुम्हारे पास पाँच मिनट हैं।"
वह अंदर चले गए और दरवाजा खुला छोड़ दिया। मिली आधा सेकंड झिझकी और फिर जल्दी से उनके पीछे हो ली।
उनका ऑफिस बिल्कुल वैसा ही था जैसा उसने सोचा था—बेदाग, सख्त, और व्यक्तिगत चीजों से लगभग पूरी तरह खाली। न कोई फोटो, न कोई बिखराव। कुछ भी ऐसा नहीं जो बताए कि इस डेस्क के पीछे कोई असल इंसान रहता है।
वैसे भी, प्रोफेसर एड्रियन ब्लैकवुड उसे कभी भी एक सामान्य इंसान नहीं लगे थे।
ब्लैकवुड परिवार उन परिवारों में से था जिन्हें लोग बिना किसी परिचय के पहचान लेते थे। होटल, टेक कंपनियाँ, प्राइवेट इक्विटी, शिपिंग—इतना पुराना पैसा कि साधारण लोग सिर्फ नाम सुनकर ही असहज हो जाएं।
एड्रियन तीन भाइयों में सबसे छोटे थे। पैंतीस साल के। और अपने बड़े भाई-बहनों से अलग, उन्होंने परिवार के किसी भी बिजनेस में शामिल होने से मना कर दिया था।
इसके बजाय उन्होंने शिक्षा और इंजीनियरिंग में अपनी पहचान बनाई। तीस साल की उम्र तक, वह एक प्रतिष्ठित रिसर्चर बन गए थे और देश के सबसे नामी विश्वविद्यालयों में से एक में उन्हें स्थायी पद मिल गया था।
इससे वह कम डरावने नहीं हुए थे।
बल्कि, इससे वह और भी कठिन हो गए थे।
उन्हें विश्वविद्यालय की जरूरत नहीं थी।
विश्वविद्यालय को उनकी जरूरत थी।
इसका मतलब था कि एड्रियन ब्लैकवुड किसी के भी साथ पूरी तरह बेबाक हो सकते थे।
उन्हें परवाह नहीं थी कि छात्र अमीर है या गरीब, रसूखदार है या आम। खराब काम मतलब खराब काम। बहाने बनाने से बात और बिगड़ती थी।
मिली को लगने लगा था कि उसने कैंपस में भीख मांगने के लिए सबसे गलत आदमी को चुना है।
वह बैठ गए और अपना कंप्यूटर चालू किया। वह खड़ी ही रही।
उनकी भौंहें ऊपर चढ़ गईं। "पाँच मिनट, मिस कार्टर।"
उसने अपने बैग की पट्टी को और कस कर पकड़ा।
"म-मैं अपने ग्रेड के बारे में बात करना चाहती थी।"
उनके हाव-भाव में कोई बदलाव नहीं आया। "मुझे तुम्हारे खराब ग्रेड के बारे में पता है, मिस कार्टर। अगर तुम उनके लिए माफी मांगने नहीं आई हो, तो चर्चा करने के लिए कुछ नहीं है।"
उसकी गर्दन पर गर्मी दौड़ गई।
"सर, मैं—" उसने थूक निगला। "मुझे पास होना ही है।"
उनकी उंगलियाँ कीबोर्ड पर थम गईं। धीरे से, उन्होंने उसे देखा। "ग्रेड ऐसे काम नहीं करते।"
"मैं जानती हूँ।"
"क्या सच में?"
इस खामोश सवाल ने उसके पेट में मरोड़ पैदा कर दी।
ब्लैकवुड कुर्सी पर पीछे झुक गए।
"तुमने मेरे लगभग एक तिहाई लेक्चर छोड़ दिए हैं। तुमने समय पर काम जमा नहीं किया है। तुम्हारे परीक्षा के परिणाम कक्षा में सबसे कम में से हैं। फिर भी तुम मेरे दफ्तर में यह उम्मीद लेकर आई हो कि मैं तुम्हें पासिंग ग्रेड दे दूँ।"
"मैं आपसे सिर्फ इसे देने की उम्मीद नहीं कर रही हूँ।"
"तो आखिर तुम किस चीज की उम्मीद कर रही हो?"
मिली ने अपना मुँह खोला।
उसने सुबह से इसकी प्रैक्टिस की थी। उसने माया, नौकरियों, बेबीसिटर, और बाकी सब चीजों के बारे में समझाने की योजना बनाई थी। उनके चेहरे को देखकर, उसे पता था कि इनमें से किसी बात का कोई असर नहीं होगा।
उसने मुश्किल से थूक निगला। "अगर मैं इस क्लास में फेल हो गई, तो मेरी स्कॉलरशिप चली जाएगी।"
उनके चेहरे पर कोई भाव नहीं आया। "यह दुर्भाग्यपूर्ण है।"
उसका दिल डूब गया। "मैं इसे खो नहीं सकती।"
"तुम्हें फेल होने से पहले यह सोचना चाहिए था।"
"मैंने सोचा था।"
"साफ तौर पर उतना नहीं जितना चाहिए था।" उनकी आवाज शांत, लगभग ऊब भरी बनी रही। "मैंने सब सुन रखा है, मिस कार्टर। बीमार माता-पिता। बच्चे। नौकरियां। आर्थिक समस्याएं। व्यक्तिगत समस्याएं। मैं समझता हूँ कि जीवन कठिन हो सकता है। इनमें से कोई भी चीज मेरे कोर्स की शर्तों को नहीं बदलती।"
उसकी उंगलियाँ बैग की पट्टी के चारों ओर और कस गईं।
उसे यह सब नफरत भरा लग रहा था।
नफरत थी यहाँ एक बेवकूफ बच्ची की तरह खड़े होकर गुस्से वाले टीचर से दया की भीख माँगने से। नफरत थी इस बात से कि उन्होंने बिना अपनी आवाज ऊँची किए उसे कितना छोटा महसूस कराया।
एंजेल की बातें वापस याद आईं। 'तुझे असल में कुछ करना नहीं है। बस शायद... थोड़ा फ्लर्ट कर ले।'
उसके पेट में मरोड़ उठी।
उसने उन्हें देखा। कोई रास्ता नहीं था। वह इस आदमी के साथ फ्लर्ट नहीं कर सकती थी। उसे तो किसी के साथ भी फ्लर्ट करना नहीं आता था।
उसे क्या करना था—मुस्कुराना? उनकी बांह को छूना? अपनी पलकें झपकानी थीं?
यह विचार सोचकर उसे हंसी आ गई।
एंजेल जैसी लड़की यह कर सकती थी। मिली नहीं।
वह उस तरह की औरत नहीं थी जिसे मर्द दोबारा देखें। वह वह थी जो ढीले स्वेटर पहनती थी ताकि कोई उसके पेट को न देख सके। वह जो कपड़ों की दुकानों में आईने से बचती थी। वह जिसे अपने वजन के बारे में सुनी हर बुरी टिप्पणी आज भी याद थी।
उसने एक गहरी सांस ली। "प्लीज, प्रोफेसर।"
ब्लैकवुड की आँखें थोड़ी सिकोड़ गईं। "मैं कोई विशेष रियायत नहीं देता, कार्टर।"
मिली उन्हें घूरती रही और अपनी आँखों में आँसू ले आई। उसकी थकी हुई हरी आँखें, जिनके नीचे के काले घेरों को एंजेल ने "जादुई" कहा था।
शायद वे उन पर काम कर जाएं। कौन जाने?
"मैं पास होने के लिए कुछ भी करूँगी, सर।" वह झिझकी, आवाज धीमी थी। "कुछ भी।"
यह शब्द हवा में गूंजता रहा।
उनके चेहरे के भाव कुछ बदले। उनकी नजरें उसके चेहरे पर घूमीं, और फिर वापस उसकी आँखों पर टिक गईं।
"कुछ भी?"
उसका दिल इतनी जोर से धड़कने लगा कि उसे अपनी गर्दन में महसूस हो रहा था।
उसने माया के बारे में सोचा। अपने बैग में रखे पत्र के बारे में। उन सब चीजों के बारे में जो बिखर जाएंगी अगर वह यहाँ से खाली हाथ लौटी।
फिर उसने सिर हिलाया। "कुछ भी।"
उनके होंठों का कोना मुड़ा। और फिर वह हँस पड़े।
मिली स्तब्ध खड़ी रही, आँखें अभी भी नम थीं, जबकि ब्लैकवुड धीमी आवाज में हंस रहे थे। उनकी नजरें नीचे गिरीं, उसके शरीर पर फिसलती हुई। मिली ने बिना सोचे अपना बैग अपने पेट के सामने कर लिया।
जब उन्होंने फिर से बात की, तो उनकी आवाज बर्फीली ठंडी थी।
"मैं तुम्हें इस बात के लिए कॉलेज से निकलवा सकता हूँ।"
उसका दिल बैठ गया। उसने अपने पुराने स्नीकर्स को घूरा। यह गलती थी।
वह बोलते रहे, आवाज अब और भी धीमी थी। "ऐसे छात्र भी हैं जो कभी क्लास मिस नहीं करते। जो पास होने के लिए हर असाइनमेंट और पेपर पर कड़ी मेहनत करते हैं। और फिर..." वह उसकी नजरों का दबाव महसूस कर सकती थी। "...तुम जैसी मूर्ख, खाली दिमाग वाली छोटी स्लट्स सोचती हैं कि तुम dick चूसने की पेशकश करके अच्छे ग्रेड पा सकती हो।"
उनकी आवाज और भी नीचे चली गई, कुछ ऐसा जिसने उसकी गर्दन के पिछले हिस्से को सिहरा दिया।
"क्या तुम्हें लगता है यह सही है, मिलिसेंट?"
उस लहजे में अपना पूरा नाम सुनकर वह कांप उठी।
इससे पहले कि वह जवाब दे पाती, उन्होंने दरवाजे की तरफ इशारा किया।
"दरवाजा बंद करो, कार्टर। यहाँ आओ। मुझे वो हुनर दिखाओ जिसके बारे में तुम इतनी आश्वस्त हो कि वह तुम्हें पासिंग ग्रेड दिला देगा।"