Chapter 1
लॉस एंजिल्स इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर विमान के गेट पर रुकते ही जेट इंजन की धीमी गड़गड़ाहट शांत हो गई। खिड़की के बाहर, कैलिफोर्निया की शाम की उमस में शहर की सुनहरी रोशनी दूर तक फैली हुई थी। एडम कार्टर ने अपनी घड़ी को पैसिफिक टाइम के अनुसार सेट किया, सीटबेल्ट खोली और बड़े सलीके से अपना कैरी-ऑन बैग ऊपर के खाने से निकाल लिया।
जेटवे से निकलकर भीड़भाड़ वाले टर्मिनल में आते ही, घोषणाओं और लोगों के शोर का उस पर कोई असर नहीं हुआ। उसने अपनी कोट की जेब से फोन निकाला और एयरप्लेन मोड बंद कर दिया। कुछ ही पलों में, ढेरों नोटिफिकेशन स्क्रीन पर चमकने लगे।
उनमें लियाम का एक मैसेज भी था:
लैंड कर गए? बुरी खबर है—मुझे इमरजेंसी रूम (ER) में रात की शिफ्ट के लिए बुला लिया गया है। मैं तुम्हें घर में अंदर लेने के लिए नहीं मिल पाऊंगा। 3B फ्लैट की चाबियाँ मिसेज हिगिंस से ले लेना। जगह का कबाड़ा मत करना। कल मिलते हैं, बड़े भाई।
एडम ने एक लंबी सांस छोड़ी और उसके होंठों पर हल्की सी मुस्कान आ गई। लियाम अभी अपनी सर्जिकल रेजिडेंसी के पहले ही साल में था, फिर भी उसमें वही बेचैनी थी जो अक्सर उन लोगों में होती है जो खुद को साबित करना चाहते हैं। एडम को वो दौर याद था, हालांकि अब वह उस जल्दबाजी से काफी आगे निकल चुका था।
कन्वेयर बेल्ट से अपना सूट बैग उठाकर, एडम बाहर आया और एक टैक्सी ली। लियाम के अपार्टमेंट तक का रास्ता छोटा था, जिसमें रास्ते भर नियॉन साइन और दूर बने फ्लाईओवर दिखाई दे रहे थे।
वहाँ पहुँचकर, एडम सीढ़ियाँ चढ़कर 3B पर गया। मिसेज हिगिंस—सफेद बालों वाली एक महिला जिन्हें कॉम्प्लेक्स की हर खबर रहती थी—ने एक मुस्कान के साथ उसे चाबी दी और लियाम को ठीक से खाना खिलाने की सलाह भी दे डाली। एडम ने शालीनता से उन्हें शुक्रिया कहा, अपार्टमेंट का दरवाजा खोला और अपना सामान अंदर रख दिया।
अपार्टमेंट बिखरा हुआ था, जहाँ मेडिकल की किताबें, कॉफी के खाली कप और अधूरे चार्ट पड़े थे—एक थके हुए रेजिडेंट की यही पहचान होती है। एडम ने जल्दी से नहाया, साफ कपड़े पहने और अपनी घड़ी देखी।
रविवार की रात थी और अभी 9:00 बजे थे।
सेंट जूड मेमोरियल में चीफ ऑफ ट्रॉमा के तौर पर उसकी नई नौकरी शुरू होने में अभी दो हफ्ते बाकी थे। उसके पास शहर में जमने, प्रशासनिक फाइलें देखने और सबसे जरूरी, अपने लिए एक अपार्टमेंट ढूँढने के लिए चौदह दिन थे। लेकिन आज रात, लियाम के खाली फ्लैट में उसे खामोशी कुछ अजीब लग रही थी। उसे नींद नहीं आ रही थी और स्टाफ रिकॉर्ड्स देखने का उसका बिल्कुल मन नहीं था।
थोड़ी ड्रिंक लेने का फैसला करके, एडम ने चाबियाँ लीं और ठंडी हवा में बाहर निकल गया।
वह सड़क पर आगे बढ़ा और मुख्य रास्ते की शोर-शराबे वाली जगहों से बचते हुए एक शांत बार की ओर मुड़ गया। दरवाजे के ऊपर एक पुराना नियॉन साइन धीमे-धीमे गुनगुना रहा था और सड़क पर सुनहरी रोशनी बिखेर रहा था। अंदर का माहौल हल्का था, जहाँ कुछ लोग धीरे-धीरे बातें कर रहे थे, स्पीकर पर सॉफ्ट जैज चल रहा था और कांच के गिलास टकराने की आवाज आ रही थी।
एडम डार्क महोगनी बार के पास पहुँचा और कोने में एक खाली स्टूल पर बैठ गया।
"आप क्या लेंगे?" बारटेंडर ने काउंटर साफ करते हुए पूछा।
"बर्बन, नीट," एडम ने शांत और ठहरी हुई आवाज में कहा।
"अभी लाता हूँ।"
सामने गिलास आते ही, एडम ने धीरे-धीरे चुस्की ली और उस गर्माहट को महसूस किया। वह पीछे की तरफ झुका और कमरे को देखने लगा। आज रात उसकी कोई योजना नहीं थी, न ही किसी से बात करने का मन। शहर के सबसे व्यस्त ट्रॉमा यूनिट की जिम्मेदारी संभालने से पहले, यह एक दुर्लभ और सुकून भरी शाम थी।
शहर के दूसरी तरफ, अपार्टमेंट में संगीत रविवार की रात के हिसाब से कुछ ज्यादा ही तेज था।
"मैं पूछ नहीं रही हूँ, डेफनी," माया ने बिस्तर पर एक सुंदर काली वेलवेट ड्रेस फेंकते हुए कहा। "मैं हुक्म दे रही हूँ। तुम्हारी चचेरी बहन और रूममेट होने के नाते, जिसने तुम्हें छह महीने से पसीने वाले कपड़ों में बैठकर मैगी खाते देखा है—तुम्हें यह ड्रेस पहननी ही होगी।"
डेफनी अपने बिस्तर के कोने पर बैठी थी। उसकी आँखों में एक ब्रेकअप का भारीपन था जो आज भी उसे उतना ही परेशान कर रहा था जितना छह महीने पहले करता था।
"माया, प्लीज," डेफनी ने धीमी और थकी हुई आवाज में कहा। "मैं थक गई हूँ। इस हफ्ते काम बहुत मुश्किल था और मेरा बस घर पर रहने का मन है।"
"काम तो हमेशा मुश्किल होता है, तुम एक ER नर्स हो," माया ने दरवाजे के पास खड़े होकर हाथ बांधते हुए कहा। "और विलियम अपनी जिंदगी जी रहा है, शायद किसी महंगे रेस्टोरेंट में मजे से खाना खा रहा होगा, जबकि तुम उस रिश्ते का मातम मना रही हो जो मार्च में ही खत्म हो गया। आज रात सब खत्म।"
डेफनी उस काली ड्रेस को घूरने लगी। वह सरल और फिटिंग वाली थी—उन ढीले-ढाले कपड़ों से बिल्कुल अलग जिन्हें वह आजकल पहन रही थी।
"मैं क्लब नहीं जाना चाहती," डेफनी ने धीरे से कहा।
"हम क्लब नहीं जा रहे। पास ही में एक शांत बार है। बस एक ड्रिंक। अगर पैंतालीस मिनट बाद भी तुम्हारा वापस आकर दुखी होने का मन करे, तो मैं पिज्जा ऑर्डर कर दूंगी और कुछ नहीं कहूँगी।" माया उसके पास आई और उसकी आवाज में अब चिंता थी। "बस खुद को एक रात के लिए उस डॉ. विलियम ब्लैकवुड की दुखी एक्स से आजाद करो। प्लीज?"
डेफनी ने एक गहरी सांस ली। उसने माया की आंखों में चिंता देखी और उसे एहसास हुआ कि अपनी उदासी में माया को घसीटना गलत है।
"ठीक है," डेफनी ने ड्रेस उठाते हुए कहा। "सिर्फ एक ड्रिंक।"
बीस मिनट बाद, वे उस बार की धुंधली रोशनी में दाखिल हुईं। भारी लकड़ी का दरवाजा बाहर के शोर को रोक रहा था, और अंदर बस धीमी बातों की फुसफुसाहट थी।
माया उसे बीच वाली मेज पर बिठाना चाहती थी, लेकिन डेफनी ने सीधे दूर कोने वाली एक छोटी मेज की तरफ रुख किया।
"सच में? सबसे अंधेरे कोने में?" माया ने उसके सामने बैठते हुए पूछा।
"तुमने एक ड्रिंक का वादा किया था," डेफनी ने वेट्रेस को इशारा करते हुए कहा। "तुमने यह नहीं कहा था कि मुझे पार्टी की जान बनना पड़ेगा।"
ड्रिंक्स आने पर माया ने गिलास उठाया। "एक नई शुरुआत के लिए। भले ही यह कदम छोटा और झिझक भरा हो।"
डेफनी ने एक हल्की मुस्कान दी जो उसकी आँखों तक नहीं पहुँची। "कोशिश के लिए।"
उसने धीरे से चुस्की ली और अपना सिर हाथ पर टिका लिया। माया फोन में व्यस्त थी, लेकिन डेफनी खामोश थी। बार का शोर अब उसे सुनाई नहीं दे रहा था। छह महीने काफी होते हैं, लेकिन विलियम के साथ बिताए तीन साल का साया अभी भी उसे परेशान कर रहा था।
उसने फिर से ड्रिंक ली और बार की रोशनी में खोई रही, उसे बिल्कुल अंदाज़ा नहीं था कि कुछ ही गज दूर एक आदमी उसे देख रहा है।
एडम कभी भी आसानी से ध्यान भटकने वालों में से नहीं था। ट्रॉमा के दौरान उसकी नजरें मरीज के हर छोटे बदलाव को पकड़ लेती थीं। लेकिन यहाँ, बार की शांति में, उसकी नजरें भीड़ से हटकर उस लड़की पर टिक गई जो अकेले कोने में बैठी थी।
कम रोशनी में भी वह बहुत खूबसूरत लग रही थी। काली ड्रेस उसके कंधों पर खूबसूरती से गिरी हुई थी, लेकिन उसकी आँखों का उदासपन उसे अपनी ओर खींच रहा था। उसकी उदासी में एक ऐसी ईमानदारी थी जो शहर के बनावटीपन से बिल्कुल अलग थी।
बिना ज्यादा सोचे, एडम अपने स्टूल से उठा, अपना ड्रिंक लिया और उसकी तरफ चला गया।
माया ने ऊपर देखा और एडम तथा डेफनी को एक नजर में भांप लिया। स्थिति को समझते हुए, माया ने डेफनी को एक इशारा किया और चुपचाप अपनी सीट से उठकर बार की तरफ चली गई।
एडम उसके सामने वाली सीट पर आकर बैठ गया, उसकी मौजूदगी से छोटी सी जगह भर गई।
"लगता है तुम यहाँ होकर भी कहीं और हो," एडम ने अपनी गहरी और शांत आवाज में कहा। "मैं बीस मिनट से तुम्हें उस गिलास को घूरते हुए देख रहा था, जैसे तुम्हें बाकी दुनिया से कोई मतलब ही न हो।"
डेफनी चौंक गई। उसने ऊपर देखा और उसकी नजरें एक जोड़ी गहरी, तीखी आँखों से मिलीं। वह वाकई बहुत हैंडसम था—शार्प जॉलाइन, सलीके से बने बाल, और एक ऐसी पर्सनैलिटी जो उसे भीड़ से अलग दिखा रही थी।
"माफ कीजिए?" डेफनी ने भारी आवाज में पूछा।
"मैंने कहा कि तुम खोई हुई लग रही हो," एडम ने एक सच्ची मुस्कान के साथ कहा। वह थोड़ा आगे झुका, उसकी नजरें सीधे डेफनी की आंखों में थीं। "सच कहूँ तो, मैं वहां बैठकर ये देखे बिना नहीं रह सका कि आखिर वो क्या चीज है जो तुम जैसी खूबसूरत लड़की को रविवार की रात इतना दुखी कर रही है।"
डेफनी ने उसे देखा और उसके अंदर एक अजीब सा भाव जगा। छह महीनों से, वह एक ऐसी दुखी नर्स बनी हुई थी जिसे विलियम से बाहर निकलना नामुमकिन लग रहा था। हर कोई उसे ऐसे देखता था जैसे वह कांच की तरह टूट जाएगी।
लेकिन यह आदमी उसे नहीं जानता था। उसे विलियम के बारे में कुछ नहीं पता था। उसके लिए, वह सिर्फ एक खूबसूरत महिला थी जिसने काली ड्रेस पहनी थी।
"मैं खोई हुई नहीं हूँ," डेफनी ने अपनी आवाज में एक नया साहस लाते हुए कहा।
"अच्छा। तो शायद तुम मुझे अपना नाम बताओगी," एडम ने थोड़ा और करीब झुकते हुए कहा। "क्योंकि मेरा नाम एडम है, और मैं जानना चाहता हूँ कि किसने आज रात मेरा पूरा ध्यान अपनी तरफ खींच लिया।"
डेफनी ने सिर झुकाया और उसके होंठों पर एक रहस्यमयी मुस्कान आ गई। वह आज रात डेफनी मिलर बनकर नहीं रहना चाहती थी। डेफनी मिलर तो टूट चुकी थी।
"क्लेयर," उसने झूठ बोला और उसकी आँखों में झाँका। "मेरा नाम क्लेयर है।"
"क्लेयर," एडम ने नाम दोहराया। वह थोड़ा पीछे हटा और उसे ध्यान से देखा, उसकी आँखों में गहरी दिलचस्पी थी। "तो क्लेयर, क्या मैं तुम्हें एक ड्रिंक पिला सकता हूँ? या बेहतर होगा तुम बताओ कि तुम यहाँ सबसे अंधेरे कोने में क्यों बैठी हो, जब—"
अरे, छोड़ो, डेफनी ने सोचा, उसके दुख की जगह एक विद्रोह ने ले ली थी। आज का दिन मेरा है। मुझे इसे जीने दो।
वह नहीं चाहती थी कि वह और बात करे। वह मीठी तारीफें नहीं सुनना चाहती थी और न ही कोई पुरानी कहानी बताकर खुद को हकीकत में वापस लाना चाहती थी।
"एडम," उसने बीच में ही रोकते हुए धीरे से कहा।
इससे पहले कि वह कुछ समझ पाता, उसने मेज के उस पार झुककर अपना हाथ उसकी गर्दन पर रखा और उसे अपनी तरफ खींच लिया।
उसके होंठ एक गर्म और अचानक हुए किस में मिल गए।
एडम एक पल के लिए हैरान रह गया, लेकिन फिर उसने तुरंत खुद को संभाल लिया। उसका हाथ instinctively उसके चेहरे पर गया, उसकी उंगलियां उसके बालों में उलझ गईं और उसने उसे और करीब खींच लिया, गहरे जुनून के साथ।
छह महीनों में पहली बार, उसके अतीत की घुटन भरी यादें पूरी तरह से मिट गई थीं।