Chapter 1
CHAPTER 1
बारिश अभी कुछ देर पहले ही रुकी थी।
एयरपोर्ट के बाहर सड़क पर पानी की हल्की परत चमक रही थी और स्ट्रीट लाइट्स की रोशनी उसमें पड़कर पूरी सड़क को सुनहरी बना रही थी।
एलेना कार्टर एयरपोर्ट के बाहर खड़ी थी।
उसके एक हाथ में सूटकेस था और दूसरे हाथ में फोन।
दो साल।
पूरे दो साल बाद वह वापस अपने शहर आई थी।
अमेरिका में बिताए गए ये दो साल उसकी जिंदगी के सबसे अलग साल थे। उसने अपनी पढ़ाई पूरी की थी, नए दोस्त बनाए थे और खुद के दम पर जीना सीखा था।
लेकिन अब जब वह वापस आई थी, तो उसके दिल में सिर्फ एक ही चीज थी—
घर।
एलेना ने गहरी सांस ली।
ठंडी हवा उसके चेहरे से टकराई तो उसके होंठों पर हल्की-सी मुस्कान आ गई।
“आखिरकार वापस आ ही गई।”
उसने अपना फोन देखा।
स्क्रीन पर उसके पिता का मैसेज था।
Dad: कहाँ हो?
एलेना मुस्कुराई और तुरंत जवाब दिया।
Elena: एयरपोर्ट से बाहर आ गई हूँ। ड्राइवर का इंतजार कर रही हूँ।
कुछ ही सेकंड बाद जवाब आया।
Dad: अंदर ही रहो। अकेले कहीं मत जाना। ड्राइवर आने तक मेरा इंतजार करना।
एलेना ने आंखें घुमाईं।
“पापा कभी नहीं बदलेंगे।”
उसके पिता हमेशा से ही जरूरत से ज्यादा परेशान रहते थे।
एलेना के लिए यह कभी-कभी मजेदार भी होता था और कभी-कभी परेशान करने वाला भी।
रिचर्ड कार्टर देश के सबसे बड़े बिजनेसमैन में से एक थे।
उनकी कई कंपनियां थीं। होटल्स, प्रॉपर्टीज, इन्वेस्टमेंट्स—उनका बिजनेस कई देशों तक फैला हुआ था।
लोग उनके नाम से डरते थे।
लेकिन एलेना के लिए वह सिर्फ उसके पापा थे।
वही पापा जो हर रात पूछते थे कि उसने खाना खाया या नहीं।
वही पापा जो उसे रात में अकेले बाहर जाने से रोकते थे।
और वही पापा जो उसे दुनिया की किसी भी चीज से ज्यादा प्यार करते थे।
एलेना ने फोन वापस बैग में रखा।
पांच मिनट बीते।
फिर दस।
फिर बीस।
ड्राइवर अभी तक नहीं आया था।
एलेना ने अपने पापा को फोन किया।
कोई जवाब नहीं।
उसने दोबारा फोन किया।
फिर भी कोई जवाब नहीं।
“क्या हो रहा है?”
वह थोड़ा परेशान हो गई।
तभी एक काली लग्जरी कार उसके सामने आकर रुकी।
खिड़की नीचे हुई।
अंदर बैठे आदमी ने उसकी तरफ देखा।
“मिस कार्टर?”
एलेना थोड़ा आगे बढ़ी।
“जी?”
“आपके पिता ने मुझे आपको लेने भेजा है।”
एलेना ने उसे ध्यान से देखा।
वह आदमी काले सूट में था।
लेकिन एलेना उसे पहचानती नहीं थी।
“मेरे पापा का ड्राइवर कहाँ है?”
“आज मैं आया हूँ।”
एलेना कुछ सेकंड तक सोचती रही।
उसे कुछ अजीब जरूर लग रहा था।
लेकिन वह दो साल की लंबी यात्रा के बाद थक चुकी थी।
उसने सूटकेस कार की डिक्की में रखा।
फिर पीछे का दरवाजा खोला।
“ठीक है।”
वह कार में बैठ गई।
दरवाजा बंद हुआ।
और कार एयरपोर्ट से निकल गई।
कुछ देर बाद
शुरुआत में एलेना ने ज्यादा ध्यान नहीं दिया।
वह खिड़की से बाहर देखती रही।
शहर की ऊंची इमारतें पीछे छूट रही थीं।
सड़क पर गाड़ियों की भीड़ थी।
हर चीज उसे जानी-पहचानी लग रही थी।
लेकिन करीब पंद्रह मिनट बाद उसके चेहरे की मुस्कान गायब हो गई।
उसने बाहर देखा।
यह रास्ता उसके घर का नहीं था।
एलेना सीधी बैठ गई।
“Excuse me?”
ड्राइवर ने कोई जवाब नहीं दिया।
“हम किस रास्ते से जा रहे हैं?”
खामोशी।
एलेना ने फिर बाहर देखा।
अब शहर की जगह पेड़ दिखाई देने लगे थे।
सड़क भी सुनसान हो चुकी थी।
उसका दिल तेजी से धड़कने लगा।
“ये घर जाने वाला रास्ता नहीं है।”
ड्राइवर ने फिर भी कुछ नहीं कहा।
एलेना ने अपना फोन निकाला।
उसने अपने पिता को कॉल किया।
कॉल नहीं लगी।
उसने स्क्रीन देखी।
No Signal.
उसके चेहरे का रंग उड़ गया।
“गाड़ी रोको।”
ड्राइवर चुप रहा।
“मैंने कहा गाड़ी रोको!”
कोई जवाब नहीं।
एलेना ने दरवाजा खोलने की कोशिश की।
दरवाजा लॉक था।
उसने फिर कोशिश की।
कुछ नहीं हुआ।
“दरवाजा खोलो!”
अब उसकी आवाज में डर साफ सुनाई दे रहा था।
ड्राइवर ने आखिरकार कहा,
“मैडम, शांत रहिए।”
“शांत?”
एलेना गुस्से में बोली।
“तुम मुझे ऐसी जगह क्यों लेकर जा रहे हो जहाँ मैं कभी आई ही नहीं?”
ड्राइवर ने कुछ नहीं कहा।
कार आगे बढ़ती रही।
कुछ मिनट बाद एक और काली SUV उनके पीछे आ गई।
एलेना ने उसे शीशे में देखा।
अब उसे पूरा यकीन हो चुका था।
कुछ बहुत गलत था।
लगभग बीस मिनट बाद सामने एक बहुत बड़ा लोहे का गेट दिखाई दिया।
गेट अपने आप खुल गया।
कार अंदर चली गई।
एलेना की आंखें फैल गईं।
सामने एक बहुत बड़ी हवेली थी।
इतनी बड़ी कि वह किसी महल से कम नहीं लग रही थी।
चारों तरफ ऊंची दीवारें थीं।
जगह-जगह सिक्योरिटी कैमरे लगे थे।
गार्ड्स खड़े थे।
और पूरा घर किसी किले जैसा सुरक्षित था।
कार सीढ़ियों के सामने जाकर रुक गई।
ड्राइवर बाहर निकला।
एलेना कुछ सेकंड तक अपनी सीट पर बैठी रही।
फिर उसने धीरे से दरवाजा खोला।
दो गार्ड्स उसकी तरफ बढ़े।
“मिस कार्टर, अंदर चलिए।”
एलेना पीछे हट गई।
“मैं कहीं नहीं जा रही।”
“कृपया हमारे साथ चलिए।”
“पहले मुझे बताओ मैं यहाँ क्यों हूँ?”
कोई जवाब नहीं।
एलेना ने पीछे मुड़कर गेट की तरफ देखा।
वह बाहर जाने के लिए आगे बढ़ी।
तभी—
टप... टप... टप...
सीढ़ियों से किसी के नीचे आने की आवाज सुनाई दी।
एलेना रुक गई।
एक आदमी धीरे-धीरे सीढ़ियों से नीचे आ रहा था।
काले कपड़े।
शांत चेहरा।
आंखों में अजीब-सी ठंडक।
उसकी उम्र ज्यादा नहीं थी, लेकिन उसके अंदर एक ऐसी गंभीरता थी जिससे सामने वाला बिना वजह ही सावधान हो जाए।
वह एलेना के सामने आकर रुक गया।
कुछ सेकंड तक दोनों एक-दूसरे को देखते रहे।
फिर एलेना ने पूछा,
“तुम कौन हो?”
आदमी ने शांत आवाज में कहा,
“एथन ब्लैकवुड।”
एलेना ने माथे पर बल डाला।
“मैं तुम्हें नहीं जानती।”
“मुझे पता है।”
“तो फिर मुझे यहाँ क्यों लाया गया?”
एथन ने उसकी आंखों में देखा।
“क्योंकि मैं तुम्हारे पिता को जानता हूँ।”
एलेना का चेहरा बदल गया।
“मेरे पिता?”
“रिचर्ड कार्टर।”
“तुम्हें उनसे क्या चाहिए?”
एथन कुछ पल चुप रहा।
फिर बोला,
“तुम।”
एलेना को लगा जैसे उसने गलत सुना हो।
“क्या?”
“तुम अब यहीं रहोगी।”
“तुम पागल हो?”
एथन ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
एलेना ने गुस्से में कहा,
“मुझे अभी घर जाना है।”
“नहीं।”
“तुम मुझे रोक नहीं सकते।”
एथन ने शांत स्वर में कहा,
“मैं पहले ही रोक चुका हूँ।”
एलेना का गुस्सा और बढ़ गया।
“तुमने मुझे किडनैप किया है!”
एथन ने उसकी तरफ देखा।
“हाँ।”
एलेना कुछ पल के लिए बिल्कुल शांत हो गई।
उसे उम्मीद थी कि वह इनकार करेगा।
लेकिन उसने ऐसा नहीं किया।
“क्यों?”
एथन की आंखों में अचानक पुरानी नफरत दिखाई दी।
“तुम्हारे पिता की वजह से।”
“मेरे पिता ने तुम्हारा क्या बिगाड़ा है?”
एथन ने जवाब नहीं दिया।
एलेना ने आगे कहा,
“जो भी तुम्हारी और मेरे पिता की समस्या है, उसका मुझसे कोई लेना-देना नहीं है।”
“मुझे पता है।”
“तो मुझे जाने दो!”
“अभी नहीं।”
एलेना ने गुस्से में कहा,
“तुम्हें लगता है कि पैसे और ताकत की वजह से तुम जो चाहो कर सकते हो?”
एथन की आंखें थोड़ी संकरी हुईं।
“नहीं।”
“तो फिर?”
“मुझे पता है कि ताकत का इस्तेमाल कैसे किया जाता है।”
एलेना उसे घूरती रही।
एथन ने गार्ड्स की तरफ देखा।
“इन्हें ईस्ट विंग में ले जाओ।”
“नहीं!”
एलेना पीछे हट गई।
“मुझे हाथ मत लगाना!”
गार्ड रुक गए।
एथन ने उसकी तरफ देखा।
एलेना की आंखों में गुस्सा था, लेकिन उसके पीछे डर भी छिपा हुआ था।
एथन ने कहा,
“मैं तुम्हें नुकसान नहीं पहुँचाऊँगा।”
“फिर मुझे जाने दो।”
“मैं ऐसा नहीं कर सकता।”
“क्यों?”
एथन कुछ सेकंड चुप रहा।
फिर धीरे से बोला,
“क्योंकि तुम्हारे पिता सिर्फ तुम्हारी बात सुनेंगे।”
एलेना ने सिर हिलाया।
“तुम मेरे पिता को बिल्कुल नहीं जानते।”
एथन की आंखें ठंडी हो गईं।
“मैं उन्हें तुमसे ज्यादा जानता हूँ।”
और वह वहां से चला गया।
एलेना वहीं खड़ी रह गई।
उसका दिमाग सवालों से भर चुका था।
आखिर ये आदमी कौन था?
और उसके पिता के साथ उसका ऐसा क्या रिश्ता था?
ईस्ट विंग
जिस कमरे में एलेना को रखा गया था, वह किसी पांच सितारा होटल के कमरे से भी ज्यादा शानदार था।
बड़ा बेड।
महंगे फर्नीचर।
एक अलग बैठने की जगह।
बड़ा बाथरूम।
कपड़ों से भरी अलमारी।
और खिड़की के बाहर खूबसूरत बगीचा।
सब कुछ शानदार था।
लेकिन एलेना के लिए वह कमरा एक जेल था।
उसने दरवाजा खोला।
लॉक।
उसने दोबारा कोशिश की।
फिर भी लॉक।
“बकवास!”
वह खिड़की के पास गई।
नीचे गार्ड्स घूम रहे थे।
कैमरे हर तरफ लगे थे।
वह फोन निकालकर देखने लगी।
अब भी नेटवर्क नहीं था।
उसने बिस्तर पर बैठते हुए अपने चेहरे को हाथों में छिपा लिया।
उसे पहली बार महसूस हुआ कि वह सच में अकेली थी।
उसकी आंखों में आंसू आ गए।
लेकिन उसने उन्हें गिरने नहीं दिया।
“मैं रोने वाली नहीं हूँ।”
उसने खुद से कहा।
“मुझे यहाँ से निकलना है।”
कुछ देर बाद दरवाजे पर दस्तक हुई।
दरवाजा खुला।
एक अधेड़ उम्र की महिला अंदर आई।
उसके हाथ में खाने की ट्रे थी।
“कुछ खा लीजिए।”
“मुझे भूख नहीं है।”
महिला ने ट्रे टेबल पर रख दी।
“फिर भी थोड़ा खा लेना।”
“आप कौन हैं?”
“मेरा नाम मिसेज विल्सन है। मैं इस घर की देखभाल करती हूँ।”
एलेना ने उसे ध्यान से देखा।
“क्या आप मेरी मदद कर सकती हैं?”
मिसेज विल्सन चुप रही।
“मुझे यहाँ से जाने में मदद कर दीजिए।”
महिला ने नजरें झुका लीं।
“मैं नहीं कर सकती।”
“क्यों?”
“क्योंकि मेरे पास कोई अधिकार नहीं है।”
एलेना की आवाज धीमी हो गई।
“कम से कम मेरे पापा को फोन करने दीजिए।”
मिसेज विल्सन ने दुखी नजरों से उसे देखा।
“मुझे माफ कर दीजिए।”
वह बाहर चली गई।
दरवाजा फिर लॉक हो गया।
एलेना ने कुछ देर दरवाजे को देखा।
फिर उसके चेहरे पर एक अलग ही भाव आया।
डर की जगह अब गुस्सा था।
“अगर ये लोग मुझे जाने नहीं देंगे...”
उसने धीरे से कहा,
“...तो मुझे खुद रास्ता ढूंढना पड़ेगा।”
पहली भागने की कोशिश
रात काफी हो चुकी थी।
पूरा घर शांत था।
एलेना कई घंटों से इंतजार कर रही थी।
आखिरकार उसने बालकनी का दरवाजा खोला।
ठंडी हवा कमरे में आई।
उसने नीचे देखा।
जमीन काफी दूर थी।
लेकिन बालकनी के पास एक बड़ा पेड़ था।
एलेना ने आसपास देखा।
कोई गार्ड नजर नहीं आया।
उसने बेडशीट्स निकालीं और उन्हें आपस में बांधना शुरू किया।
“बस... थोड़ा और।”
उसने चादर को बालकनी की रेलिंग से बांधा।
फिर धीरे-धीरे नीचे उतरने लगी।
उसके हाथ कांप रहे थे।
लेकिन वह रुकी नहीं।
वह लगभग नीचे पहुंचने वाली थी कि अचानक ऊपर से आवाज आई—
“एलेना।”
उसका शरीर वहीं रुक गया।
वह धीरे-धीरे ऊपर देखने लगी।
एथन बालकनी में खड़ा था।
उसके चेहरे पर कोई गुस्सा नहीं था।
वह बस उसे देख रहा था।
“वापस ऊपर आओ।”
एलेना ने कहा,
“नहीं।”
“तुम गिर सकती हो।”
“मुझे फर्क नहीं पड़ता।”
“पड़ना चाहिए।”
एलेना वापस बालकनी पर चढ़ आई।
उसने गुस्से में एथन की तरफ देखा।
“तुम मुझे हमेशा के लिए यहाँ नहीं रख सकते।”
“मेरा ऐसा कोई इरादा नहीं है।”
“तो मुझे जाने दो।”
“अभी नहीं।”
एलेना हंस पड़ी।
“तुम्हें लगता है कि तुम बहुत ताकतवर हो।”
एथन शांत रहा।
“नहीं।”
“फिर?”
“मैं बस जानता हूँ कि मुझे क्या चाहिए।”
“और तुम्हें क्या चाहिए?”
एथन ने उसकी तरफ देखा।
“सच।”
“किस बारे में?”
“तुम्हारे पिता के बारे में।”
एलेना ने सिर हिलाया।
“मुझे कुछ नहीं पता।”
“तुम्हें पता चल जाएगा।”
“और अगर नहीं पता चला?”
एथन कुछ नहीं बोला।
वह मुड़ा और कमरे से बाहर जाने लगा।
एलेना ने पीछे से कहा,
“मैं तुमसे नफरत करती हूँ।”
एथन कुछ पल के लिए रुका।
लेकिन पीछे नहीं मुड़ा।
“मैं तुम्हें खुश करने के लिए तुम्हें यहाँ नहीं लाया।”
फिर वह चला गया।
एलेना अकेली खड़ी रह गई।
उसने आसमान की तरफ देखा।
उसे नहीं पता था कि उसकी जिंदगी अब पहले जैसी कभी नहीं होने वाली थी।
दस साल पहले
उसी रात शहर के दूसरे हिस्से में रिचर्ड कार्टर अपने ऑफिस में खड़ा था।
उसके सामने उसका असिस्टेंट खड़ा था।
“सर, हमने हर जगह खोज लिया है।”
रिचर्ड ने कुछ नहीं कहा।
“मिस एलेना का फोन एयरपोर्ट छोड़ने के कुछ समय बाद बंद हो गया था।”
रिचर्ड की मुट्ठी कस गई।
“ड्राइवर?”
“वह भी गायब है।”
रिचर्ड ने आंखें बंद कर लीं।
तभी उसका फोन बजा।
Unknown Number
उसने तुरंत फोन उठाया।
“हैलो?”
कुछ सेकंड तक खामोशी रही।
फिर एक आवाज आई।
“मिस्टर कार्टर।”
रिचर्ड का चेहरा अचानक बदल गया।
वह आवाज वह कभी नहीं भूल सकता था।
“एथन...”
दूसरी तरफ से हल्की हंसी सुनाई दी।
“आपने मुझे पहचान लिया।”
रिचर्ड की आवाज गुस्से से कांपने लगी।
“मेरी बेटी कहाँ है?”
“सुरक्षित है।”
“अगर उसे कुछ हुआ तो—”
“उसे कुछ नहीं हुआ।”
“तुम ऐसा क्यों कर रहे हो?”
एथन की आवाज ठंडी हो गई।
“आप जानते हैं क्यों।”
रिचर्ड ने कहा,
“मैंने तुम्हारे परिवार के साथ कुछ नहीं किया।”
“झूठ।”
“मैंने कुछ नहीं किया!”
“दस साल पहले मेरे पिता ने आप पर भरोसा किया था।”
रिचर्ड चुप हो गया।
एथन आगे बोला,
“आप दोनों बिजनेस पार्टनर थे।”
“हाँ।”
“सिर्फ बिजनेस पार्टनर नहीं।”
कुछ सेकंड की खामोशी के बाद एथन ने कहा,
“मेरे पिता आपको अपना भाई मानते थे।”
रिचर्ड ने आंखें बंद कर लीं।
पुरानी यादें उसके सामने आने लगीं।
दो दोस्त।
एक कंपनी।
सफलता।
फिर अचानक सब कुछ खत्म हो गया था।
एथन बोला,
“दस साल पहले मेरे पिता का पूरा बिजनेस खत्म हो गया।”
“वह मेरी वजह से नहीं हुआ।”
“लेकिन उसके बाद सबसे ज्यादा फायदा किसे हुआ?”
रिचर्ड चुप रहा।
“आपको।”
“तुम गलत समझ रहे हो।”
“मैं सच पता लगाऊंगा।”
“और अगर तुम्हें सच नहीं मिला तो?”
एथन की आवाज और ठंडी हो गई।
“तब भी आपकी बेटी मेरे पास रहेगी।”
रिचर्ड ने गुस्से में कहा,
“उसे इस सब में मत घसीटो!”
“आपने मुझे कोई दूसरा रास्ता नहीं दिया।”
“एथन—”
कॉल कट गई।
रिचर्ड कुछ सेकंड तक फोन को देखता रहा।
फिर उसके असिस्टेंट ने पूछा,
“सर?”
रिचर्ड ने धीमी आवाज में कहा,
“एथन ब्लैकवुड ने एलेना को ले लिया है।”
असिस्टेंट का चेहरा बदल गया।
“हम क्या करेंगे?”
रिचर्ड खिड़की के पास गया।
दस साल से उसने उस पुराने मामले को दफन करके रखा था।
वह चाहता था कि वह सब कुछ हमेशा के लिए खत्म हो जाए।
लेकिन अब अतीत वापस आ चुका था।
और इस बार—
उसकी बेटी उसके बीच में थी।
“हम उसे वापस लाएंगे।”
रिचर्ड ने कहा।
अगली सुबह
एलेना पूरी रात ठीक से सो नहीं पाई।
सुबह होते ही वह खिड़की के पास खड़ी हो गई।
बाहर सब कुछ शांत था।
पक्षियों की आवाज।
सुबह की हल्की धूप।
बगीचे में काम करते लोग।
अगर कोई बाहर से देखता, तो उसे लगता कि यह कोई खूबसूरत हवेली है।
लेकिन एलेना जानती थी—
यह उसके लिए जेल थी।
दरवाजे पर दस्तक हुई।
इस बार एथन खुद अंदर आया।
उसके हाथ में एक मोटी फाइल थी।
एलेना ने उसे देखते ही कहा,
“अब क्या चाहिए?”
एथन ने फाइल टेबल पर रखी।
“सच।”
“मैं तुम्हें बता चुकी हूँ कि मुझे कुछ नहीं पता।”
“तो फिर इसे पढ़ो।”
एलेना ने फाइल खोली।
अंदर पुराने दस्तावेज थे।
अखबारों की कटिंग्स।
कंपनी के रिकॉर्ड।
तस्वीरें।
और फिर एक फोटो पर उसकी नजर रुक गई।
फोटो में दो आदमी खड़े थे।
एक उसके पिता थे।
दूसरा एथन का पिता।
दोनों मुस्कुरा रहे थे।
ऐसा लग रहा था जैसे वे बहुत पुराने दोस्त हों।
एलेना ने धीरे से कहा,
“मैंने ये तस्वीर कभी नहीं देखी।”
एथन ने जवाब दिया,
“तुम्हारे पिता ने तुम्हें कभी ये सब नहीं बताया।”
एलेना ने अगला पन्ना पलटा।
एक अखबार की हेडलाइन थी—
BLACKWOOD INDUSTRIES COLLAPSES AFTER FINANCIAL SCANDAL
एलेना ने एथन की तरफ देखा।
“क्या हुआ था?”
एथन की आवाज धीमी हो गई।
“मेरे पिता का बिजनेस बर्बाद हो गया।”
“और तुम्हें लगता है कि मेरे पिता जिम्मेदार थे?”
“मुझे लगता नहीं।”
उसने एलेना की आंखों में देखते हुए कहा,
“मुझे यकीन है।”
एलेना ने फाइल बंद कर दी।
“तो सबूत दिखाओ।”
एथन कुछ पल चुप रहा।
एलेना ने कहा,
“अगर तुम्हारे पास सबूत है, तो मुझे दिखाओ।”
एथन ने सिर हिलाया।
“दिखाऊंगा।”
“और अगर तुम्हारे पास सबूत नहीं हुआ?”
एथन ने कोई जवाब नहीं दिया।
एलेना उसके पास आई।
“अगर मेरे पिता निर्दोष हुए तो?”
एथन की आंखों में पहली बार हल्का-सा बदलाव आया।
लेकिन उसने कुछ नहीं कहा।
वह फाइल उठाकर दरवाजे की तरफ चला गया।
फिर अचानक रुक गया।
“एक बात और।”
एलेना ने उसकी तरफ देखा।
“क्या?”
“तुम्हारे पिता तुम्हें ढूंढ रहे हैं।”
एलेना का दिल तेज हो गया।
“वह ठीक हैं?”
एथन ने उसकी तरफ देखा।
“गुस्से में हैं।”
“वह मुझे लेने आएंगे।”
“हाँ।”
एलेना की आंखों में उम्मीद आई।
“फिर मैं जल्द घर जाऊंगी।”
एथन ने दरवाजा खोला।
“जब वह आएंगे...”
वह कुछ पल रुका।
“...तब असली खेल शुरू होगा।”
दरवाजा बंद हो गया।
एलेना कुछ देर तक वहीं खड़ी रही।
उसने फिर टेबल पर रखी पुरानी तस्वीर को देखा।
उस तस्वीर में उसके पिता और एथन के पिता साथ खड़े थे।
दो परिवार।
दो पुराने दोस्त।
एक टूटा हुआ रिश्ता।
और दस साल पुराना ऐसा राज़, जिसके बारे में एलेना को कुछ भी नहीं पता था।
लेकिन अब वह इस कहानी का हिस्सा बन चुकी थी।
उसे नहीं पता था कि एथन सही था या उसका पिता।
उसे नहीं पता था कि दस साल पहले असल में क्या हुआ था।
और सबसे बड़ी बात—
उसे यह भी नहीं पता था कि इस पूरी कहानी में उसकी भूमिका क्या थी।
लेकिन एक बात साफ थी।
एथन बदला लेने के लिए वापस आया था।
और इस बार उसका निशाना सिर्फ रिचर्ड कार्टर नहीं था।
उसकी बेटी भी उस पुराने राज़ की चाबी थी।
एलेना ने खिड़की से बाहर देखा।
दूर आसमान में बादल फिर से जमा होने लगे थे।
शायद बारिश दोबारा आने वाली थी।
और शायद...
उसकी जिंदगी में आने वाला तूफान इससे भी बड़ा था।
जारी रहेगा...
अध्याय 2 — सुनहरे दरवाज़ों के पीछे