R.R.STORYVERSE द्वारा The Piggy Bank - Inkitt पर
पढ़ने योग्यता कस्टमाइज़ करें
Aa

THE PIGGY BANK

सर्वाधिकार सुरक्षित ©

सारांश

BIRJU BROUGHT A PIGGY BANK WITH HIM WHAT HAPPENED TO HIM AFTER THAT?

शैली
Horror
लेखक
R.R.STORYVERSE
स्थिति
५ घंटे पहले
अध्याय
1
रेटिंग
n/a
आयु रेटिंग
13+

THE PIGGY BANK PART 1

THE PIGGY BANK

A Short Horror Story

वैसे तो खिलौने और सॉफ्ट टॉयज़ हमें बहुत अच्छे लगते हैं।

बहुत प्यारे होते हैं।

लेकिन...

हर प्यारी चीज़ मासूम नहीं होती।

ये कहानी है सात साल के बिरजू और उसके परिवार की।


PART 1 — THE PIGGY BANK

एक शाम बिरजू अपने पापा के साथ घर वापस जा रहा था।

रास्ते में उसकी नजर एक छोटी-सी खिलौनों की दुकान पर पड़ी।

दुकान की खिड़की में बहुत सारे खिलौने रखे थे, लेकिन बिरजू की नजर एक अजीब-से सॉफ्ट टॉय पर जाकर रुक गई।

वो एक पिगी बैंक था।

बिरजू ने तुरंत अपने पापा का हाथ पकड़ लिया।

“पापा... वो चाहिए।”

पापा ने खिलौने की तरफ देखा।

“नहीं बेटा, घर पर पहले से इतने खिलौने हैं।”

लेकिन बिरजू बार-बार उसी खिलौने की तरफ देखने लगा।

आखिरकार उसके पापा मान गए।

दोनों दुकान के अंदर गए।

पास जाकर देखने पर पता चला कि वो पिगी बैंक मुलायम कपड़े से बना हुआ था।

उसका शरीर गोल था।

उस पर दो बड़ी-बड़ी आँखें थीं और एक बहुत बड़ी मुस्कान बनी हुई थी।

उसका रंग लाल और हरा था।

उसके ऊपर एक छोटी-सी टोपी थी, जिसे खोलकर उसमें पैसे डाले जा सकते थे।

दुकानदार ने मुस्कुराते हुए कहा,

“बच्चे को पैसे बचाने की आदत डालनी है तो इससे अच्छा खिलौना नहीं मिलेगा।”

बिरजू के पापा को भी ये बात अच्छी लगी।

उन्होंने पिगी बैंक खरीद लिया।

घर पहुँचकर उन्होंने उसे बिरजू के कमरे की अलमारी में रख दिया।

फिर सब लोग खाना खाने बैठ गए।

खाने के बाद वे टीवी देख रहे थे।

तभी बिरजू के पापा ने कहा,

“अब तुम्हारे पास पिगी बैंक आ गया है, तो मैं तुम्हें हर महीने ₹500 दूँगा।”

बिरजू खुशी से उछल पड़ा।

“सच में?”

“हाँ। लेकिन एक शर्त है।”

“क्या?”

“तुम ₹200 तक खर्च कर सकते हो। बाकी ₹300 तुम्हें बचाने होंगे।”

बिरजू ने तुरंत हामी भर दी।

अगली सुबह उसके पापा ने उसे ₹500 दिए।

बिरजू दौड़कर अपने कमरे में गया।

लेकिन जैसे ही उसने अलमारी खोली...

वो रुक गया।

कल रात पिगी बैंक अलमारी के अंदर रखा था।

लेकिन आज सुबह...

वो उसकी स्टडी टेबल पर रखा था।

बिरजू कुछ सेकंड उसे देखता रहा।

फिर उसने सोचा शायद मम्मी ने सफाई करते समय उसे वहाँ रख दिया होगा।

उसने ज्यादा ध्यान नहीं दिया।

उसने ₹500 में से ₹300 निकाले और पिगी बैंक की टोपी खोली।

छन...

उसने पैसे अंदर डाल दिए।

और अपने काम में लग गया।

उसे बिल्कुल नहीं पता था...

कि उसके द्वारा डाला गया वो पहला पैसा...

उसके परिवार की आखिरी खुशहाल सुबह की शुरुआत थी।

R.R.STORYVERSE को बताएँ कि आपको यह चैप्टर कैसा लगा!
बहुत पसंद आया

0

बहुत पसंद आया

मज़ेदार

0

मज़ेदार

तीखा

0

तीखा

रहस्यमय

0

रहस्यमय

भावनात्मक

0

भावनात्मक

गहन

0

गहन

दिल छू लेने वाला

0

दिल छू लेने वाला

चौंकाने वाला

0

चौंकाने वाला

अच्छा लेखन

0

अच्छा लेखन

रोचक कथानक

0

रोचक कथानक

शानदार चरित्र

0

शानदार चरित्र

सशक्त संवाद

0

सशक्त संवाद

सबसे नए कलेक्शन

लोकप्रिय कलेक्शन