Short Story

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Summary

This is the story of Vaidehi an Indian women and her struggle as a wife. This is 1st slot

Genre
Drama/Fantasy
Author
shan23
Status
Complete
Chapters
1
Rating
n/a
Age Rating
16+

1 st - Tyag ya Saza

अनय के ऑफिस जाने के बाद, वैदेही के साथ आज कुछ ऐसा हुआ की वो सोच मे पड़ी रही की आखिर उससे गलती हुई कहा है आज ऐसा क्या हो गया की अनय उससे नाराज हो गया । अनय जो वैदेही के लिए बहुत ही अनमोल तोहफा है । जिसकी एक मुस्कान के लिए वैदेही दिन रात मेहनत करती रहती थी की कही कोई ऐसा कम न हो जाए जिससे अनय को तकलीफ हो । पर है तो वो भी एक इंसान ही ना कठपुतली की तरह कब तक चलेगी । कभी कभी कोई बात न हो तब भी मन उदास हो जाता है कभी कभी मुस्कुराने का मन नहीं करता है बस ऐसा लगता है उस पल बस अनय उसे गले लगा ले और एक शब्द बोल दे की परेशान मत हो मै हूँ । ऐसा लगता है जैसे मानो एक नया एहसास होता है । ऐसा नहीं है की अनय वैदेही को प्यार नहीं करता है जैसे वैदेही के लिए अनय सब कुछ है वैसे ही अनय के लिए वैदेही ही सब कुछ है पर पता नहीं अनय ऐसा क्यू है की जब अनय का मन होता है तो मुस्कुराए जब मन हो तब बोले जब उसका मन हो तब प्यार करे । वैदेही की इच्छा की कोई आधार ही नहीं है अब आज ही पता नहीं क्या हुआ की अनय नाराज है और वैदेही बेचैन रही पूरा दिन । सोचते सोचते शाम हो गयी अनय आया तो उसने वैदेही की तरफ अच्छे से देखा तक नहीं फिर भी वो उसकी सेवा मे लग गयी रोज की तरह वो दिन निकाल गया पर न तो अनय ने कुछ बोला और न ही वैदेही की हिम्मत हुई कुछ भी पूछने की दूसरा दिन भी बहुत भारी बीता और फिर शाम को अनय घर आया तो सब कुछ ठीक उसने वैदेही से बहुत अच्छे से बात की और समय भी बिताया और वैदेही सब कुछ भूल कर फिर से अनय के लिए हसने मुस्कुराने लगी । पर दिल मे एक बात तो रह ही गयी थी की आखिर उससे गलती हुई क्या थी जो अनय नाराज था । पर वो नादां खुश बस इस बात से थी की अनय खुश है ।