Chapter 1
Start writing here…
This story contains themes of: bestiality
All Rights Reserved ©
एक दिन सफलता मेरे सपनें में आई और बोली मैं तुझे बहुत दिनों से देख रही हूँ तो बहुत मेहनती,हमेशा कुछ न कुछ करता रहता हैं.सफल होने के लिये, मैं समझ गई तू मुझे बहुत प्यार करता हैं,मैं बोला,हाँ,तुझे पाने के लिए में कुछ भी करूँगा, सफलता बड़े उत्साह से बोली. मैं तुझे मिल जाऊँगी, लेकिन उसके लिए तुझे मेरे पिता(मेहनत) व दो भाइयों( प्रयास),व ( विश्वास) से बात करनी होगी,मैं सफलता से बोला तुझे पाने के लिए कुछ भी कर सकता हूँ.सफलता मेरे से बोली जितना तू बेचैन हैं उतनी मैं भी हूँ तुझे पाने को, लेकिन पहले उन से बात तो कर, वे मान गये तो तू मेरा मैं तेरी.अगले दिन मैं तैयार होकर चल दिया सफलता के घर, सफलता के घर वालों ने मेरा अच्छे से स्वागत किया और आने का कारण पूछा मैंने सब कुछ बता दिया.मैं आपकी बेटी सफलता से प्यार करता हूँ,सफलता के पिता( मेहनत) ने मेरे को एक पर्ची दी और कहा इस पर्ची में कुछ लिखा हैं और एक हफ़्ते बाद आना और जो इस पर्ची में लिखा हैं अगर तुम सही-सही सुना दोंगे,फिर सफलता तुम्हारी हो जायेगी.मैं उस पर्ची को लेकर बड़ा ही उत्साही था जैसे ही घर से बाहर निकला सबसे पहले उस पर्ची को खोल कर पढ़ा. उस पर्ची में “सफलता के बीस सूत्र” लिखे थे.1.मैं एक सफल इंसान हूँ. 2.अपने आपको छोटा ना समझे.3.दूसरों को कभी भी नीचा न दिखायें.4.दृढ़ निश्चयी बने.5.चैलेंज स्वीकार करे.6.प्रतियोगी बनें.7.आत्म विश्वास बढ़ायें.8.अपने से छोटे से भी सीख लें.9.सफलता का सम्मान करे.10.दूसरों के दुःखों में साथ दे.11.महान व्यक्तियों की जीवनी पढ़े. 12.अपने से बड़ो का आदर करे, छोटो को प्रोत्साहित करें.13.सकारात्मक विचार रखें.14.
Start writing here…