एक अभिशप्त जन्म

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Summary

' एक अभिशप्त जन्म - "क्या वह कभी श्राप मुक्त हो सकेगी!?"

Status
Ongoing
Chapters
22
Rating
n/a
Age Rating
16+

पाठ-1(परिचय)

एक बड़े से बॉक्सिंग रिंग में दो जन आपस में लड़ रहे है। तभी एक जोर का मुक्का लगते ही दूसरा बॉक्सर रिंग से टकरा कर वही बैठ गया।

बैठा हुआ बॉक्सर झल्लाकर अपने बॉक्सिंग हेडगियर को उतारकर एक ओर फेंकते हुए बोला ' बस करो वाचा, मैं नहीं खेल रहा।'

सामने वो शॉर्ट्स और टैंक टॉप पहने खड़ी हांफ रही है। वह अपनी हेडगियर को हाथों में लेते हुए बोली "ओह! कमऑन आशीर्वाद,ये तो वार्मअप है एक मैच और करते हैं।"

आशीर्वाद रिंग की रस्सी पकडे कराहकर उठते हुए बोला - ' बिल्कुल नहीं सोचना भी नहीं ,अब मैं तुम्हारी बातों में नहीं आने वाला।'

उसी समय अदिति दरवाजे की ओर से आते हुए वाचा को फोन दे कर बोली - ' तुम्हारे पापा का कॉल है।'

वाचा फुर्ती में अपने हाथों का ग्लब्स खोलकर फोन को कान के निकट लगते हुए रिंग से बाहर निकलते बोली "प्रणाम पापा, कैसे है!

फोन के दूसरी ओर से उसके पापा प्रसन्न भाव से बोले ' खुश रहो बच्चा। मै अच्छा हूँ , तुम कैसी हो! और.. फोन कहां है तुम्हारा!!

वाचा एकबार अपने दोस्तों की ओर देखी। अदिति रिंग के बाहर खड़ी होकर अपने दोनों हाथों को मोड़कर सीने के निकट रक्खे उसकी ओर देख रही है और आशीर्वाद उसके कंधे पर कोहनी रक्खे हुए है। दोनों उसकी बातें सुन रहे है।

वह सामने मुड़कर बोली "पापा मै लाइब्रेरी में थी।"

यह सुन आशीर्वाद उसका उपहास उड़ते हुए अदिति की ओर देखकर हल्के स्वर में बोला - ' झूठी कहीं की'

अदिति आंखे तरेर कर उसको देखकर अपने कंधे को देखी, जिसपर वो कोहनी रखे निश्चिंत से खड़ा है। यह देख आशीर्वाद दांत दिखाते हुए अपने कोहनी को उसके कंधे से हटाया।

अदिति सामने देखते हुए सपाट स्वर में बोली- ' उसके पापा को ये सब पसंद नहीं।'

आशीर्वाद की आंखे आश्चर्य में फैल गई वह वाचा की ओर देखते हुए बोला 'विश्वाश नहीं होता।'

वाचा कॉल कट कर उनके निकट आकर अदिती को फोन देतेकर अपने बैग में सामान रखते हुए बोली- "यार, इंडिया जाना होगा।"

आशीर्वाद रिंग से बाहर निकलते हुए अपने टॉवेल को कंधे पर रखते हुए बोला 'ook.. लेडीज, एंजॉय योरसेल्फ। मै दावा लेकर विश्राम करने जा रहा हूं, पूरा शरीर दर्द कर रहा है।

अदिति उसकी बातें सुनकर चिढ़ते हुए बोली - ' यदि आता नहीं है, तो.. तुम हर बार पीटने क्यों चले आते हो।'

यह सुन आशीर्वाद थोड़ा गुस्सा होते हुए बोला - ' कौन कहता है मुझे नहीं आता। यह तो मैं लड़की समझ कर अपनी शक्ति का प्रदर्शन नहीं करता,नहीं तो अभी तक यह हॉस्पिटल में होती।'

अदिति भी क्रोध करते हुए बोलो - ' हैं...है, तुम में तनिक भी लाज-हया हैं!?'

आशीर्वाद कुछ कहने को मुंह खोला हीं की वाचा अपने बैग को कंधे पर रखते हुए बोली- "हमारी फ्लाइट शाम में है रेडी हो जाओ दोनों।"

आशीर्वाद खीझकर उसकी ओर देखते हुए बोला-' मै कही नहीं जा रहा, तुम दोनो को जहां जाना है जाओ।'

वाचा भी झल्लाकर उसकी ओर देखते हुए बोली- "मै पूछ नहीं, बता रही हूं।"इतना कह वाचा वहां से चली गई।

अदिति वहां के वातावरण को गर्म होते देख शांत स्वर में आशीर्वाद से बोली- ' देखो, यह सब तुमको उससे दोस्ती करने से पहले सोचना चाहिए था। अब जाने की तैयारी करो और देर मत करना। '

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वाचा के परिवार का पुराना व्यापार है। वह घर की छोटी और दुलारी बेटी है, वैसे उससे भी छोटा युग है जो घर पर सभी के आंखों का तारा है।

अरुष(पापा) को वाचा प्राणों से भी अधिक प्रिय है। इसलिए उसे लेकर थोड़े अनुशासित भी हैं।वाचा को बॉक्सिंग,तैराकी,घुड़सवारी,निशानेबाजी यह सब पसंद है।

परन्तु उसके पापा को यह सब खतरनाक लगने के कारण वाचा को माना है। इसी कारण वाचा को यदि समय मिलता है तो वह अपनी दी के पास चली जाती हैं जिसे युद्धनीति में निपुणता हासिल है।

उसकी दी हर प्रकार के अस्त्र- शस्त्र चलाना जानती है। वह अभी बहुत ही अच्छे से अपना व्यापार चला रही है और भारत के टॉप30 में से एक है।

तीनों थाईलैंड के सुवर्णभूमि इंटरनेशनल एयरपोर्ट के सामन खड़े है। वाचा पीले और मैरून रंग में बॉडीकॉन ड्रेस पहनी है, उसके बाल एक ओर से आगे की ओर है, कानों में छोटे ईयरिंग और पैरों में ऊंची हिल की सैंडिल है।

वही अदिति A-line की सफेद फ्रॉक पहने हुए बाल पोनी में बंधे है और कुछ बाल चेहरे पर आ रहे है,पैरों में सफेद रंग के जूते है।

आशीर्वाद सफेद रंग के T-shirt के ऊपर समुद्री नीले रंग का शर्ट और उसी रंग का पैंट पहने हुए है। पैरों में सफेद रंग के जूते है। सभी के एक हाथ में घड़ी और दूसरे हाथ से ट्रॉली पकड़े हैं। सभी कम से कम गहने पहन रखे है और तीनों ही देखने में आकर्षक लग रहे है।