A HOTEL AT NIGHT (HINDI)

Summary

अयन जो एक हादसे के कारण एक होटल में जाता है लेकिन उसे वहां उन चीजों से सामना होता है जो उसने कभी सोची ही नहीं थी , कमरा नंबर ४०९ यह एक कमरा नहीं पूरा एक रहस्य है, यहाँ समय बदलता है इसलिए घडी नहीं चलती, बल्कि घडी चलती हो तोह समय बदलता है. स्वागत है आपका इस होटल में!

Genre
Horror
Author
Deepak
Status
Ongoing
Chapters
4
Rating
n/a
Age Rating
16+

Wrong-Turn

इस दुनिया में कुछ जगहें इतनी भयानक और डार्क होती हैं कि खुद किस्मत भी वहां कदम रखने से कतराती है। इन गुमनाम जंगलों के बीच, असलियत धुंधली पड़ जाती है और बुरे सपने हकीकत का रूप ले लेते हैं।

रात काफी हो चुकी थी। जब अयान ऑफिस की एक थका देने वाली शिफ्ट के बाद अपनी कार से घर लौट रहा था। लेकिन आगे जाकर मेन हाईवे पूरी तरह ब्लॉक था। वहां एक बेहद भयानक एक्सीडेंट हुआ था जिसकी वजह से सड़क पूरी तरह बंद हो चुकी थी, और वहां लोगों की भारी भीड़ और दूर-दूर तक लंबा ट्रैफिक जाम लगा हुआ था। मौके पर मौजूद पुलिस वालों ने अयान को रास्ता बदलने को कहा और उसे एक साइड के रास्ते से जाने का इशारा किया।

जैसे ही अयान ने अपनी गाड़ी का स्टीयरिंग मोड़ा, उसकी नजर सड़क पर हुए उस हादसे के मलबे पर गई। एक्सीडेंट का शिकार हुई वह कार बुरी तरह जल चुकी थी—लोहे का एक ऐसा ढांचा जो आग में झुलसकर पूरी तरह तबाह हो चुका था। लेकिन अयान का ध्यान उस कार ने नहीं, बल्कि उसके पास जमीन पर सफेद चादर से ढकी एक लाश ने खींचा।

अयान अभी देख ही रहा था कि तभी अचानक हवा का एक तेज और जोरदार झोंका आया और लाश के ऊपर से वह सफेद चादर उड़ गई।

चादर हटते ही नीचे जो था, उसे देखकर अयान का खून जम गया। उस लाश का चेहरा बुरी तरह बिगड़ा हुआ था, आग की लपटों से कुछ हिस्से पूरी तरह जल चुके थे, लेकिन उसकी पथराई हुई, खुली आंखें एकटक खुली थीं। ऐसा लग रहा था जैसे वो मुर्दा आंखें सीधे अयान की आत्मा में झांक रही हों और उसे एक डरावनी नजर से घूर रही हों।

अयान अंदर तक कांप गया। उसने तुरंत उस खौफनाक अहसास को इग्नोर किया और अपनी नजरें हटा लीं। तभी उसकी नजर पास ही घने जंगल के अंदर जाते एक रास्ते पर पड़ी। अयान ने उसे देखा और अचानक उसके दिमाग में एक उलझन पैदा हुई—‘यह रास्ता कब बना? मैं इस हाईवे से इतनी बार गुजरा हूं, लेकिन पहले तो यह रास्ता कभी नहीं था... शायद मेरा ध्यान ही नहीं गया होगा।’

अपने दिमाग से इस अजीब ख्याल को झटकते हुए, अयान ने कड़ाके से एक्सीलेटर दबाया और सीधे उस अनजाने जंगल के रास्ते पर गाड़ी दौड़ा दी। उसने सोचा था कि वह एक बड़े हादसे से बचकर निकल रहा है... लेकिन वह इस बात से बिल्कुल अनजान था कि वह सीधे एक अंतहीन रात की तरफ बढ़ रहा है।

Wrong turn -

रात का सन्नाटा पूरे जंगल पर छाया हुआ था. चारों तरफ घने और ऊँचे पेड खडे थे, मानो अंधेरे में किसी रहस्य को छुपाए हुए हों. सडक सुनसान थी. दूर- दूर तक कोई स्ट्रीट लाइट नहीं थी. आसमान में काले बादल उमड रहे थे और बीच- बीच में बिजली की तेज कडक पूरे माहौल को और भयावह बना रही थी.

तेज हवा के साथ मौसम लगातार बिगडता जा रहा था.

एक कार सुनसान सडक पर तेज रफ्तार से दौडी चली जा रही थी.

कार के अंदर स्टीयरिंग के पास लगा रेडियो धीमी, कर्कश और टूटी- फूटी आवाज में लगातार प्रसारण कर रहा था—

भारी बारिश और तूफान को लेकर चेतावनी जारी की गई है. नागरिकों से अनुरोध है कि वे सुरक्षित स्थानों पर रहें.

अचानक—

कार की हेडलाइट के सामने कोई जंगली जानवर आ गया.

क्या—?

ड्राइवर घबराकर तुरंत स्टीयरिंग मोडता है, लेकिन कार का संतुलन बिगड जाता है. टायर सडक पर बुरी तरह घिसटते हैं.

अगले ही पल—

कार मुख्य सडक छोडकर सीधे जंगल के अंदर घुस जाती है.

धडाम!

कार एक विशाल पेड से जाकर टकराती है.

चारों तरफ ऊँची- ऊँची घास फैली हुई थी. टक्कर के बाद कुछ पल के लिए सब शांत हो जाता है.

फिर—

उसी अंधेरे जंगल में अचानक कार का हॉर्न लगातार बजने लगता है.

पीईईईईईईईईईई—

कार की हेडलाइट झिलमिलाने लगती है.

कभी जलती. कभी बुझती.

उस भयावह जंगल में रोशनी का एकमात्र सहारा वही टिमटिमाती हेडलाइट थी.

कार के अंदर एक आदमी बेहोशी जैसी हालत में पडा था. उसका सिर स्टीयरिंग पर झुका हुआ था. उसने काले रंग की शर्ट और पैंट पहन रखी थी.

कुछ पल बाद वह धीरे- धीरे अपना सिर उठाता है.

उसी के साथ कार का लगातार बजता हॉर्न बंद हो जाता है.

वह आदमी दर्द से कराहते हुए किसी तरह कार का दरवाजा खोलने की कोशिश करने लगता है, लेकिन टक्कर की वजह से दरवाजा जाम हो चुका था.

उफ्फ.

वह पूरी ताकत लगाता है.

टक!

आखिरकार दरवाजा खुल जाता है.

वह लडखडाते हुए कार से बाहर निकलता ही है कि तभी—

छपाक!

बारिश की एक मोटी बूंद सीधे उसके चेहरे पर आकर गिरती है.

वह धीरे से अपना सिर ऊपर उठाता है.

आसमान पूरी तरह काले बादलों से भर चुका था.

अगले ही पल मूसलाधार बारिश शुरू हो जाती है.

तेज हवाएँ जंगल के पेडों को झकझोरने लगती हैं. चारों तरफ पत्तों और टहनियों की डरावनी आवाज गूंजने लगती है.

बारिश इतनी तेज हो जाती है कि वह आदमी तुरंत वापस कार के अंदर घुस जाता है.

वह घबराहट में जल्दी- जल्दी दरवाजा बंद करने लगता है.

लेकिन तभी—

उसकी नजर कार की खिडकी से थोडी दूर पडती है.

अंधेरे के बीच कोई खडा था.

उसके एक हाथ में एक पुराना छाता और दूसरे हाथ में एक लैंप था. शरीर थोडा झुका हुआ था, जैसे कोई बुजुर्ग आदमी हो.

घने अंधेरे और बारिश की वजह से उसका चेहरा साफ दिखाई नहीं दे रहा था.

लेकिन जब- जब आसमान में बिजली चमकती—

एक पल के लिए साफ दिख जाता कि वहाँ सच में कोई इंसान खडा है.

कार के अंदर बैठे उस आदमी ने जल्दी से अपना फोन निकाला और उसकी टॉर्च ऑन कर दी.

वह खिडकी से हाथ बाहर निकालकर इशारा करने लगा. साथ ही उसने हॉर्न भी बजाया, ताकि दूर खडा वह आदमी उसकी तरफ ध्यान दे सके.

कुछ पल बाद—

वह बुजुर्ग आदमी धीरे- धीरे उसकी तरफ बढने लगा.

बारिश लगातार तेज होती जा रही थी. जमीन पूरी तरह कीचड से भर चुकी थी. उसके कदम बेहद धीमे थे, लेकिन वह बिना रुके कार की तरफ चला आ रहा था.

टप. टप. टप.

उसकी परछाईं हर बिजली की चमक के साथ कुछ पल के लिए साफ दिखाई देती, फिर दोबारा अंधेरे में खो जाती.

जैसे ही वह कार के पास पहुँचा, अंदर बैठे आदमी ने फोन की टॉर्च बंद कर दी.

उसने एक गहरी साँस ली और खिडकी के पास झुकते हुए कहा—

मेरा नाम अयान है. मैं यहाँ फँस गया हूँ. क्या आप मेरी कोई मदद कर सकते हैं?

बुजुर्ग आदमी के चेहरे पर कोई भाव नहीं था.

वह थोडा और झुककर खिडकी के करीब आया.

फिर उसके होंठों पर एक अजीब- सी, डरावनी मुस्कान उभर आई.

उसने धीमी और खिंची हुई आवाज में कहा—

यहीं पास में. हमारा एक होटल है. तुम वहाँ चेक- इन कर सकते हो. अगर तुम्हारी इच्छा हो तो.

उसकी आवाज बारिश और हवा के शोर के बीच और भी अजीब लग रही थी.

अयान ने बाहर की तेज बारिश को देखते हुए थोडा ऊँची आवाज में कहा—

ठीक है!

मूसलाधार बारिश के बीच अयान और वह बुजुर्ग आदमी एक ही छाते के नीचे धीरे- धीरे आगे बढ रहे थे.

अयान ने अपने बैग को कसकर सीने से लगा रखा था, ताकि बारिश का पानी उसके अंदर न जा सके.

चारों तरफ घना अंधेरा फैला हुआ था.

रास्ता केवल उस बुजुर्ग आदमी के हाथ में पकडी पुरानी लालटेन की रोशनी से ही दिखाई दे रहा था. लेकिन तेज हवा की वजह से उसकी लौ भी बार- बार काँप रही थी.

अयान ने चलते- चलते पूछा—

और कितनी दूर है?

बुजुर्ग आदमी कुछ पल के लिए रुका.

फिर बिना उसकी तरफ देखे धीमी आवाज में बोला—

बस. पहुँचने वाले हैं.

दोनों फिर चुपचाप आगे बढने लगे.

कुछ देर बाद—

बुजुर्ग आदमी अचानक रुक गया.

उसने धीरे से सामने इशारा किया.

लो. हम पहुँच गए.

क्या यह रात अयान के लिए एक सुकून भरी रात होगी. या एक ऐसी खौफनाक रात जो कभी खत्म ही नहीं होती? क्या है इस होटल का रहस्य?

जानने के लिए, मिलते हैं अगले पार्ट में.