First Time
पलक झपकते ही, सफेद पेंट की एक लकीर उसके गोरे गालों पर आकर गिरी और उसके भूरे बालों में उलझ गई।
नैन्सी ठिठक गई। उसने अपनी पेंटिंग की ओर देखते हुए आँखें ज़ोर से झपकाईं, और मन ही मन प्रार्थना की कि नुकसान ज्यादा न हुआ हो।
गनीमत थी कि उसकी पेंटिंग बच गई थी।
लेकिन उसके बारे में ऐसा नहीं कहा जा सकता था।
कमरे में एक तेज़ सिसकारी गूँजी, और फिर दूसरी। कसूरवार, वो दो लड़कियाँ जिन्हें आर्ट टीचर, मिस्टर रदरफोर्ड पहले ही चेतावनी दे चुके थे, अपराधी की तरह अकड़ कर खड़ी रहीं जबकि सबकी नज़रें उन्हीं पर टिक गईं।
टीचर ने अपनी नाक से एक गहरी साँस छोड़ी, जैसे कोई तब करता है जब उसका सब्र खत्म हो जाता है। उनकी नज़रें उन लड़कियों पर इस तरह टिकी थीं मानो कह रही हों, "तुमने आखिरी बार मुझे आजमाया है।"
नैन्सी खामोश बैठी रही, उसे महसूस हो रहा था कि हर किसी की नज़रें उसे चुभ रही हैं। उसका गला सूखने लगा। लोगों के बीच इस तरह घिर जाना उसके लिए किसी डरावने सपने से कम नहीं था। यह कॉरिडोर में चलने जैसा नहीं था जहाँ वह इयरफ़ोन लगाकर कानाफूसियों को अनसुना कर सकती थी। नहीं, यह कुछ और था। यह तो सबके सामने नग्न हो जाने जैसा था। अधूरा। जिससे बचा न जा सके।
उसका दिल ज़ोरों से धड़क रहा था। उसने अपनी डेनिम शॉर्ट्स को मजबूती से पकड़ रखा था, उसकी उंगलियों के पोर सफेद पड़ गए थे और वह अपने कांपते हुए पैर को शांत करने की कोशिश कर रही थी।
"अरे... नैन... नैन्सी," एक लड़की ने आवाज़ दी और तुरंत अपनी सहेली की ओर मुड़कर फुसफुसाई, "यही नाम है ना इसका?"
नैन्सी ने उनकी तरफ देखा।
यहाँ आने के बाद से ही वह खुद को सबसे दूर रखना चाहती थी। नई शुरुआत करना आसान नहीं था, खासकर न्यूयॉर्क छोड़ने के बाद, अपनी आंटी के घर शिफ्ट होने के बाद, और एक ही झटके में अपने दोनों माता-पिता को खोने के बाद तो बिल्कुल नहीं।
उसे लोगों की आँखों को पढ़कर उन्हें समझने की आदत थी, और जो उसने अभी देखा उससे उसका पेट मरोड़ खाने लगा। कुछ लड़कियों की नज़रें जज करने वाली थीं, तो कुछ लड़के उसे ऐसे देख रहे थे जैसे वे अपनी नज़रों से उसकी ग्रे शर्ट उतार रहे हों।
नैन्सी धीरे से खड़ी हुई, और उन दोनों कसूरवार लड़कियों, एम्मा और जैस्मीन का सामना किया। ये वेस्टवुड हाई की "इट गर्ल्स" थीं, जो हमेशा बो, परफेक्ट बाल और पिंटरेस्ट जैसी दिखावटी सुंदरता में डूबी रहती थीं।
नैन्सी उनकी खूबसूरती की तारीफ करती थी, लेकिन गम ने उसकी दुनिया को राख कर दिया था। वह किसी के सामने खुलने के लिए तैयार नहीं थी। न उनके सामने। न किसी और के सामने।
उसके होंठ एक सीधी रेखा में भिंच गए और उसने घबराहट को छुपाते हुए एक बनावटी मुस्कान चेहरे पर ले आई।
"कोई बात नहीं," उसने धीमी आवाज़ में कहा और दरवाज़े की ओर मुड़ गई।
उसके पीछे कानाफूसियों का दौर शुरू हो गया।
"वाह... मैंने पहली बार इसे बोलते सुना है।"
"ये बोलती भी है?"
"मैं तो इसके ब्रा का रंग देखना चाहता हूँ। शर्त लगा लो, वो इसके चेहरे की तरह ही खूबसूरत होगी," जैक्सन ने बुदबुदाया, जो स्कूल का ऐसा खिलाड़ी था जिसके पास दिमाग कम और बाइसेप्स ज़्यादा थे।
मिस्टर रदरफोर्ड की आवाज़ कड़क उठी, "पढ़ाई पर ध्यान दो, क्लास!"
उनकी नज़रें एम्मा और जैस्मीन पर टिकी थीं। "मुझे लगता है कि तुम दोनों को पेंटिंग पर ध्यान देना चाहिए, न कि पेंट के साथ खेल कर गंदगी फैलानी चाहिए। तुमने अपनी सहपाठी को असहज किया है, तुम दोनों को उससे माफी माँगनी चाहिए।"
लड़कियों ने कुछ नहीं कहा, बस टीचर के मुड़ते ही मुस्कुरा दीं।
"ओह माय गॉड जैस्मीन, तुमने वाकई कर दिखाया! मुझे लगा था कि तुम इस डेयर के लिए मना कर दोगी, तुम सच में badass हो," एम्मा ने अपनी सहेली की तारीफ की।
"डेयर तो डेयर होता है ना, और वैसे भी वह इसी के लायक है। तुमने उसका चेहरा देखा था? शर्त लगा लो वह मन ही मन हमें गालियाँ दे रही होगी, कितनी नकली है," जैस्मीन ने फुसफुसाते हुए कहा, ताकि टीचर का ध्यान न जाए। "अगला डेयर तुम्हारा है, क्लास के बाद मैं तय करूँगी कि क्या करना है।"
एम्मा ने अपनी सहेली के चेहरे पर वो खतरनाक चमक देखी, उसने ज़ोर से साँस ली, "मैं कुछ भी करने के लिए तैयार हूँ, बताओ क्या करना है... शर्त लगा लो कि यह नैन्सी वाले काम से बेहतर होगा।"
दोनों खिलखिला कर हँस पड़ीं।
जब नैन्सी खाली कॉरिडोर में पहुँची, तो उसने अपने हाथ अपनी छाती पर कसकर बाँध लिए, मानो वह इस घटना की टीस को रोक लेना चाहती हो। उसकी त्वचा पर लगा पेंट असली समस्या नहीं थी, समस्या यह थी कि हर किसी की आँखों ने उसे वहीं जड़ कर रख दिया था।
पिछली बार उसने ऐसा ध्यान अपने माता-पिता के अंतिम संस्कार में महसूस किया था, जब उसे आखिरी भाषण देने के लिए कहा गया था। वह वहाँ खड़ी कांप रही थी, उसके होंठ हिल रहे थे लेकिन शब्द नहीं निकल रहे थे, और खामोशी उसके सामने रखे ताबूत से भी ज़्यादा भारी थी।
वह दोबारा कभी ऐसा महसूस नहीं करना चाहती थी।
सिर झुकाए, वह बाथरूम की ओर तेज़ी से बढ़ी, ताकि किसी की नज़र उस पर न पड़े।
अंदर जाकर जब उसने आईने में देखा तो उसका डर सच साबित हुआ, उसके गाल पर पेंट का निशान था, भौहों के पास छींटें थे, और बालों में पेंट की एक लकीर उलझी हुई थी।
"धत् तेरी... मैंने सुबह अपने बालों पर कितनी मेहनत की थी," उसने बुदबुदाया।
नैन्सी ने नल खोला, अपने हाथों में ठंडा पानी लिया और अपने चेहरे पर छींटा मारा। पेंट बहुत ज़िद्दी था, उसे टॉयलेट पेपर लेना पड़ा और अपनी त्वचा को तेज़ी से रगड़ना पड़ा। बालों से पेंट का निशान हटने का नाम ही नहीं ले रहा था।
"ओह माय गॉड," वह हताशा में बोली। काउंटर पर गीले कागज़ बिखरे हुए थे, सिंक में पानी की बूंदें गिर रही थीं, और उसका गुस्सा उबलने लगा था।
"घर जाकर शैम्पू करना पड़ेगा, तभी ठीक होगा," उसने कहा।
आखिरकार, उसने कोशिश छोड़ दी। गहरी साँस लेते हुए, उसने दोबारा आईने में देखा।
और वह जम गई।
उसके पीछे कोई खड़ा था।
उसके होंठों से एक सिसकारी निकली। सिर्फ कोई नहीं, एक लड़का।
लंबा। चौड़े कंधों वाला। हाथ छाती पर बंधे हुए थे। उसके बिखरे हुए सुनहरे बाल बहुत स्टाइलिश लग रहे थे। उसका जबड़ा इतना तीखा था कि कट जाए, और उसकी हरी आँखें, स्थिर और बिना पलक झपकाए, जिज्ञासा और हल्की-सी जजमेंट से भरी हुई थीं।
नैन्सी की धड़कनें बढ़ गईं। पानी उसकी गर्दन से होता हुआ उसकी शर्ट पर गिर रहा था, जो उसकी त्वचा पर ठंडा लग रहा था।
उसकी नज़रें नैन्सी के गीले बालों से होकर उसके सफेद एडिडास जूतों पर पड़ीं और फिर वह धीमी, भारी आवाज़ में बोला।
"तुम लड़कों के बाथरूम में क्या कर रही हो?"
उसकी आँखें फटी की फटी रह गईं।
"लड़कों का क्या?!"
उसके होंठ फड़फड़ाए, पूरी मुस्कान नहीं थी, लेकिन करीब ही थी, "अगर तुमने मज़े के लिए लड़कों की जगह में घुसने का फैसला नहीं किया है, तो मैं कहूँगा कि तुम रास्ता भटक गई हो।"
नैन्सी ने आँखें झपकाईं, वह अभी भी हैरान थी, "तुम मज़ाक कर रहे हो ना? यह लड़कियों का बाथरूम है।"
"क्या तुम पेंटिंग के लिए कैनवास बनी थी? तुम्हारे चेहरे पर इतना पेंट क्यों है? वैसे, यह तबाही तुम पर जंच रही है," उसने छेड़ते हुए कहा, और अब वह मुस्कुरा रहा था।
नैन्सी ने त्योरियां चढ़ाईं, "मुझे खुशी है कि मेरी बर्बादी तुम्हें हंसा रही है। तुम्हें लड़कियों के बाथरूम में घुसने से पहले देख लेना चाहिए था।"
"मैं सौ प्रतिशत यकीन के साथ कह सकता हूँ कि मैं सही बाथरूम में हूँ, लेकिन तुम्हारे बारे में ऐसा नहीं कह सकता," उसने अपना सिर थोड़ा टेढ़ा किया, उसकी आँखों में शरारत की चमक थी।
उसका चेहरा लाल हो गया, सिर्फ शर्मिंदगी की वजह से नहीं, "वाह, कमाल है," उसने अपने आप में बुदबुदाया।
I’m loving this
I’m loving this so much I can already see them being such a good couple but not after be enemies
Getting good vides