Chapter 1
सलरडेल सिटी में शाम हो चुकी थी। जब हायसिंथ सड़क पर चल रही थी, तो पूरी जगह शांत थी। चाँदनी और स्ट्रीट लैंप की रोशनी पूरे इलाके को रोशन कर रही थी।
हायसिंथ ने अपनी वेट्रेस वाली यूनिफॉर्म ठीक की, जिससे अभी भी हल्की ग्रीस और कॉफी की महक आ रही थी। ग्यारह बज रहे थे और वह अभी भी बाहर थी। कैब लेने के बजाय पैदल चलने का फैसला करने की वजह से उसके पैरों में हर कदम पर दर्द हो रहा था।
उस रात न जाने कौन सी बार, उसने सामने खाली सड़क को देखकर गुस्से में भौहें सिकोड़ीं।
“हाह,” हायसिंथ ने आह भरी। “पापा, ऐसा लग रहा है कि आप बच्चे हो और मैं यहाँ माँ बनी हुई हूँ।”
हायसिंथ को वह समय याद आया जब साइमन, उसके पिता ने उससे उसकी कार लेने के बारे में बात की थी।
“डैडी, मुझे काम पर जाने के लिए वीनस की जरूरत है,” हायसिंथ ने अपनी बात रखते हुए कहा। “अगर आप इसे ले जाओगे, तो मुझे रेस्टोरेंट तक पहुँचने के लिए दोगुनी मेहनत करनी पड़ेगी।”
“अरे मेरी बच्ची, मान जा। रोज पैदल चलना तेरी टांगों के लिए अच्छा होगा। वैसे भी आजकल मौसम कितना शानदार है,” साइमन ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया।
“इसके अलावा, मेरे पास आज रात के लिए एक अचूक रणनीति है। मैंने दो दिनों तक लगातार इसके बारे में सोचा है, और किस्मत को मेरे टेबल पर आने के अलावा कोई चारा नहीं है। इसलिए, मुझे वहाँ जल्दी पहुँचना होगा।”
साइमन जुए के बारे में बात कर रहा था, जिसे वह हर रात खेलता है।
हायसिंथ ने आह भरी और अपने माथे को सहलाया। उसके पिता पहले ऐसे नहीं थे। वह अब तक का सबसे प्यारा इंसान था, लेकिन माँ की मौत के बाद सब कुछ बदल गया।
वह खुद को भटकाने के लिए कुछ ढूंढ रहा था, लेकिन बदले में उसने हायसिंथ को नजरअंदाज करना शुरू कर दिया।
‘मैं सच में इतना बड़ा दिल नहीं दिखाना चाहती, लेकिन...’
उसने साइमन को देखकर एक गहरी सांस ली, जो अब कान तक मुस्कुरा रहा था। जब भी बात उसके पिता की होती, तो उसका इरादा हमेशा कमजोर पड़ जाता था।
“क्या कहती है, हायसिंथ?” साइमन ने उम्मीद भरी आवाज में पूछा।
“ठीक है।” उसने अपनी प्यारी पुरानी कार, वीनस की चाबियाँ उसके हवाले कर दीं और देखा कि साइमन घर से ऐसे भागा जैसे कोई उत्साहित किशोर वीडियो गेम खेलने आर्केड जा रहा हो।
जैसे ही हायसिंथ ने उनकी गली के आखिरी मोड़ पर मुड़कर देखा, उसकी भौहें और तन गईं।
उसे हर दिन ऐसा महसूस होता था जैसे वह माता-पिता है और साइमन एक लापरवाह किशोर। बाईस साल से वह अपनी कमाई से उसके जुए के कर्ज चुका रही थी, और उसे हर रात ऐसे कैसिनो की ओर भागते देख रही थी जैसे वह उसकी पहली डेट हो।
“कैसी जिंदगी है।” हायसिंथ ने भारी आह भरी।
उनका छोटा सा घर सामने आया। उसकी कार, वीनस, ड्राइववे पर खड़ी थी, लेकिन गमला जिसमें आमतौर पर अतिरिक्त चाबी छिपी होती थी, वह अपनी सही जगह पर नहीं था।
बुरा संकेत।
हायसिंथ को अपने पिता से पहले घर पहुँचने की आदत थी, और अब जब स्थिति उलट गई थी, तो उसकी धड़कनें तेज हो गईं।
उसका छठा इंद्रिय चिल्लाकर कह रही थी कि आज रात कुछ बुरा होने वाला है।
“पापा?” हायसिंथ ने दरवाजा खोलते हुए घर के अंदर कदम रखा और आवाज दी।
“अंदर हूँ, बेटा!”
साइमन की आवाज कुछ ज्यादा ही तेज थी। बनावटी लग रही थी।
इससे हायसिंथ का शक और गहरा हो गया। ऐसे समय में, वह जानती थी कि उसके पिता ने फिर से कुछ बेवकूफी भरा काम किया है।
“इस बार तुमने क्या किया है?” हायसिंथ ने किचन में कदम रखते हुए पूछा, जहाँ साइमन पुरानी टेबल पर बैठा था, उसका चेहरा पीला पड़ गया था और माथे पर पसीना जमा हो गया था।
उसकी जुए के बाद वाली सामान्य उत्तेजना गायब थी, और उसकी जगह एक डर ने ले ली थी।
“हायसिंथ—”
“इतनी जल्दी घर आना तुम्हारे स्वभाव में नहीं है,” उसने साइमन को बीच में ही टोकते हुए कहा। “तुमने क्या किया?”
“मेरी जुए की रणनीति... काम नहीं आई।” साइमन ने अपनी दयाहीन आँखों से हायसिंथ की ओर देखते हुए फीकी मुस्कान दी। “इधर आओ। पहले नींबू पानी पी लो—”
“नहीं।” हायसिंथ ने अपना सिर ना में हिलाया। उसकी आवाज ठंडी और सख्त थी। “पापा, बस साफ-साफ बताओ। इस बार तुम्हें कितने उधार की जरूरत है?”
साइमन ने बड़ी मुश्किल से थूक निगला। वह ऐसा दिख रहा था जैसे डर के मारे उसकी पैंट गीली हो जाएगी, और वह झिझक रहा था कि हायसिंथ को सच बताए या नहीं।
“कुछ नहीं...”
“मुझे तुम पर यकीन नहीं है।” उसकी आँखें सिकुड़ गईं। “अगर तुम जुए में जीत जाते तो ऐसी हरकत न करते। बस बोल दो। इसे और मत खींचो।”
हायसिंथ अपने काम से थक चुकी थी, और इस वक्त वह सिर्फ आराम करना चाहती थी। लेकिन साइमन उसके लिए ऐसा करना असंभव बना रहा था।
“मुझे लगता है... दस हजार डॉलर?” साइमन ने आखिर जवाब दिया, लेकिन वह खुद भी अनिश्चित था। “मेरी योजना अचूक थी, हाय! कसम से! लेकिन मुझे नहीं पता कि उसने मेरी रणनीति को कैसे भाँप लिया—”
“क्या?!”
“मैंने उससे कहा कि मेरे पास पैसे नहीं हैं! मैं सच कह रहा हूँ!”
हे भगवान।
हायसिंथ ने अपने माथे को मला। उसे समझ नहीं आ रहा था कि आज रात इस स्थिति से कैसे निपटे। उसके पास पहले ही बहुत मुसीबतें थीं, और उसके पिता मदद करने के बजाय मुश्किलें बढ़ा रहे थे।
“तुम किसकी बात कर रहे हो?” उसने ठंडे स्वर में पूछा।
साइमन ने नजरें चुरा लीं और सवाल का जवाब भी नहीं दिया। “उसने कहा कि मैं इतनी आसानी से नहीं बचूँगा। इसलिए पैसों के बदले, उसने कुछ और माँगा...”
हायसिंथ आगे बढ़ी और साइमन के सामने जाकर रुक गई।
“पापा,” उसने अब अपना आपा खोते हुए कहा। “तुम पर उसका कितना कर्ज है, और यह आदमी कौन है?”
साइमन ने पहले जवाब नहीं दिया। उसे नहीं पता था कि हायसिंथ को सच कैसे बताए, लेकिन वह जानता था कि उसकी बेटी कितनी जिद्दी हो सकती है, इसलिए उसने आखिर बता ही दिया।
“वह तुम्हें चाहता है...”
उन शब्दों को सुनते ही, हायसिंथ को लगा जैसे दुनिया थम गई हो। उसका खून खौलने लगा और उसी पल उसका पूरा शरीर जम गया।
उस स्थिति में कोई बीच का रास्ता नहीं था। हायसिंथ एक साथ कई भावनाओं से गुजर रही थी।
घर में सन्नाटा छा गया, सिर्फ फ्रिज की आवाज सुनाई दे रही थी।
लेकिन उसके मन में एक और सवाल था जिसका वह जवाब चाहती थी।
“कौन?” जब साइमन ने जवाब नहीं दिया, तो उसने फिर पूछा।
साइमन ने जवाब देने से पहले एक गहरी सांस ली, ”रोज़न पेन...”
यह नाम हायसिंथ के लिए किसी तमाचे जैसा था।
रोज़न पेन, वह आदमी जिसके पास शहर की लगभग हर वाइनरी थी। वह सलरडेल ही नहीं, बल्कि पूरे देश में सबसे अमीर और सबसे खूंखार शख्सियत था। वह अपने ठंडे और क्रूर स्वभाव के लिए जाना जाता था। वह एक ऐसा आदमी था जो जो चाहता था उसे हासिल कर लेता था और अपने रास्ते में आने वाले किसी भी व्यक्ति को बर्बाद कर देता था।
उसके बारे में अफवाहें जहर की तरह फैली हुई थीं। कि कैसे वह महिलाओं को ट्राफियों की तरह इकट्ठा करता था, और कैसे वह उन्हें डरावनी हद तक पाने की कोशिश करता था। वह उन लोगों में से था जिसे हमेशा वही मिलता था जो वह चाहता था।
मना करना वास्तव में कोई विकल्प ही नहीं था।
“तुमने मुझे उसकी सेक्स स्लेव बनाने के लिए सौंपने पर सहमति दे दी?” हायसिंथ ने अविश्वास से साइमन को देखते हुए सामान्य से तेज आवाज में पूछा।
“नहीं! मेरा मतलब है... उसने कसम खाई थी कि वह तुम्हें सोने की तरह रखेगा—”
“तुमने फिर भी सहमति दे दी!” हायसिंथ की आंखों से आंसू बहने लगे, इससे पहले कि वह उन्हें रोक पाती। “पापा... तुमने मेरे साथ ऐसा कैसे किया जबकि मैंने हमेशा तुम्हारी मदद की?”
“मेरे पास कोई चारा नहीं था!” साइमन ने अपना बचाव करते हुए चिल्लाकर कहा। उसने कहा कि अगर मैंने उसका कर्ज नहीं चुकाया तो वह मुझे मार डालेगा। मैं क्या करता—”
“तुम सालों पहले जुआ खेलना बंद कर सकते थे, जब तुम्हारे पास मौका था!” हायसिंथ ने अपने पिता को अपनी बात पूरी नहीं करने दी। “तुम इसे रोक सकते थे, लेकिन तुमने नहीं चुना!”
“तुमने यह गड्ढा खुद खोदा है, और अब तुम मुझे भी अपने साथ डुबो रहे हो!”
“हायसिंथ... मेरी बेटी...”
साइमन ने उसकी ओर हाथ बढ़ाने की कोशिश की, लेकिन हायसिंथ ने तुरंत कदम पीछे हटा लिए। वह नहीं चाहती थी कि वह उसे छुए या वह उसके पास भी रहे।
वह उसे देखना तो दूर, उसका नाम सुनना भी बर्दाश्त नहीं कर पा रही थी, खासकर उसने जो किया था उसके बाद।
“मैं जा रही हूँ। मैं अब और नहीं कर सकती।”










