अध्याय 1: द घोस्ट इन ग्लव्स
गोदी के पास बने उस सुनसान गोदाम में लोहे, सीलन और मौत की बदबू आ रही थी।
डेमन कमरे के बीचों-बीच खड़ा था और कंक्रीट के फर्श पर पड़ी लाश को घूर रहा था। उसका शिकार—एक गद्दार, जिसने ब्लैकवुड की खुफिया जानकारी किसी दुश्मन परिवार को बेचने की कोशिश की थी—अब बेजान हो चुका था। उसकी आँखों के ठीक बीचों-बीच एक सटीक गोली मारी गई थी। साफ। तेज़। बिना किसी तड़प के, ठीक वैसी ही मौत जैसा डेमन पसंद करता था।
उसके लिए, स्पर्श एक खतरा है।
त्वचा से त्वचा का कोई भी संपर्क एक भीषण शारीरिक प्रतिक्रिया को जन्म देता है: जैसे झुलसाने वाली गर्मी, बिजली का झटका, मतली, दम घुटना, और दिल ऐसे धड़कने लगता है जैसे पिंजरे में बंद कोई जानवर। उसका शरीर ऐसे प्रतिक्रिया करता है जैसे सामान्य स्पर्श भी कोई ऐसी चीज़ है जिससे हर हाल में बचना चाहिए।
यह स्थिति उसे बचपन से ही थी और चौदह साल पहले जिस रात उसकी दुनिया ढह गई थी, उसके बाद से यह और भी बदतर हो गई।
जिन डॉक्टरों ने उसे देखा, उन्हें कभी इसका कोई ठोस कारण नहीं मिला। डेमन का तंत्रिका तंत्र स्पर्श संबंधी संकेतों को असामान्य तरीके से प्रोसेस करता है, जबकि बरसों के आघात ने उसके दिमाग को इस तरह से ढाल दिया है कि वह शारीरिक संपर्क को जानलेवा खतरे के रूप में देखता है।
किसी और के लिए, स्पर्श सिर्फ एक स्पर्श है।
लेकिन डेमन के लिए, यह एक अलार्म की तरह है।
यही कारण है कि वह हमेशा पतले काले चमड़े के दस्ताने पहने रहता है, जो उसकी उंगलियों के पोर-पोर को ढंकने के लिए कसकर सिले होते हैं। ऊंचे कॉलर वाले कपड़े पहनना और सबसे दूरी बनाए रखना उसकी आदत बन चुका है।
वह सिर्फ स्पर्श से नहीं बच रहा है।
वह उस स्थिति से बच रहा है जहाँ स्पर्श होते ही उसका शरीर अपना नियंत्रण खो दे।
या कम से कम, यही वह बात है जो डेमन खुद से कहता था।
"बॉस, टारगेट खत्म हो गया है।"
मार्को की करारी आवाज़ ने सन्नाटे को तोड़ दिया। वह आगे बढ़ा, उसकी आँखें खौफ और सम्मान के मिले-जुले भाव के साथ लाश पर टिकी थीं। वह जानता था कि डेमन बीस साल की उम्र में हेड असैसिन कैसे बना। इसलिए नहीं कि वह क्रूर था, बल्कि इसलिए क्योंकि डेमन कोई निशान नहीं छोड़ता था। न खून, न उंगलियों के निशान।
मार्को थोड़ा और करीब आया, हत्या की जानकारी देने के लिए तैयार। लेकिन उसकी कोहनी गलती से डेमन के कंधे से छू गई।
कड़क।
डेमन की दुनिया फट पड़ी।
वह अहसास बिजली की एक लहर की तरह टकराया—झुलसाने वाला, खाल उधेड़ने वाला। उसका दिमाग किसी आदेश की तरह तीखी, सफेद शोर से भर गया। "दफा हो जाओ।"
एक पल के भीतर, बिना सोचे-समझे, डेमन का दस्ताने वाला हाथ मार्को की कलाई पर कस गया। उसने उसे पीठ के पीछे सर्जिकल सटीकता से मरोड़ दिया, जिससे हड्डियाँ चटकने की आवाज़ आईं और वे लगभग टूट ही गई थीं।
"आह—! बॉस, माफी! मैं—" मार्को कराह उठा, उसकी कनपटियों से ठंडे पसीने की बूंदें बह रही थीं। उसका चेहरा पीला पड़ गया। वह जानता था कि क्या हो रहा है। वह जानता था कि डेमन ऐसी प्रतिक्रिया क्यों दे रहा है।
डेमन अपनी पकड़ में दबी मार्को की कलाई को घूर रहा था। उसका दिल ज़ोरों से धड़क रहा था। उसकी छाती पर भारी दबाव महसूस हो रहा था, जैसे अंदर ही अंदर कुछ धीरे-धीरे कुचला जा रहा हो। उसकी नसें फट रही थीं, उसे पीछे हटने और भाग जाने के लिए कह रही थीं। लेकिन वह हिला नहीं। वह वहीं जमा रहा, उसकी सांसें उखड़ी हुई थीं, वह अपने दिमाग के भीतर उठ रहे तूफान को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहा था।
"बस करो।"
दरवाजे के पास से एक भारी और शांत आवाज़ गूंजी, जो अधिकार से भरी हुई थी।
डांटे।
उसका भाई। डॉन।
डांटे अंदर आया, उसका सिला-सिलाया सूट कंक्रीट के फर्श पर लगे खून के दागों के साथ एक गहरा विरोधाभास पैदा कर रहा था। उसने डेमन को देखा, फिर दर्द में तड़पते मार्को को। उसके चेहरे पर कोई भाव नहीं था, बस वही ठंडी चालाकी थी, जिसे देखकर डेमन का मन उसे गोली मार देने का हुआ।
"उसे छोड़ दो, डेमन," डांटे ने सपाट लहजे में आदेश दिया। "और तुम, मार्को, यहाँ से निकल जाओ। दूसरों से कहो कि इसे साफ करें।"
मार्को ने घबराकर सिर हिलाया, डेमन की पकड़ से खुद को छुड़ाया और गोदाम से ऐसे भागा जैसे कोई भूत उसका पीछा कर रहा हो।
डांटे करीब आया, लेकिन वह नियम जानता था। वह अपने भाई को कभी नहीं छूता था। कभी नहीं। वह समझता था कि क्यों।
"ठीक हो?" डांटे ने पूछा, उसकी ग्रे आँखें डेमन पर टिकी थीं। "क्या एपिसोड फिर शुरू हो गया?"
डेमन ने अपनी पकड़ ढीली की और अपने उन दस्तानों को देखा जो अभी भी सलामत थे। उसकी उखड़ी हुई सांसें धीरे-धीरे सामान्य हो गईं।
"मैं ठीक हूँ। बस एक रिफ्लेक्स था।"
"तुम हमेशा ऐसे ही रहते हो," डांटे बुदबुदाया, उसकी आवाज़ में कोई हमदर्दी नहीं थी। "लेकिन वह सब छोड़ो, आज रात एक पार्टी है। सगाई की पार्टी।"
डेमन ने तुरंत कोई जवाब नहीं दिया। इसके बजाय, उसने अपनी जैकेट की जेब में हाथ डाला, चांदी का लाइटर और सिगरेट का पैकेट निकाला, और बड़ी धीमी गति से एक सिगरेट सुलगा ली।
लपटें चमकीं और उसके चेहरे की सख्त रेखाओं पर परछाइयां डाल गईं। उसने एक लंबा कश लिया और होंठों से धुआं छोड़ते हुए बोला।
"तुम्हारी?" उसने सपाट आवाज़ में पूछा।
डांटे थोड़ा मुस्कुराया। "हाँ। लुईसा के साथ मेरी। उसके पिता ने अनुबंध की शर्तें पहले ही मंजूर कर ली हैं। आज रात, हर माफिया परिवार के सामने, हम आधिकारिक रूप से इसकी घोषणा करेंगे।"
डेमन ने एक और कश लिया, इस बार और धीरे। धुएं ने उसके गले में जलन पैदा की, जिससे उसे खुद को स्थिर रखने में मदद मिली। उसकी नज़रें अपनी सिगरेट की राख पर टिकी थीं, वह डांटे की आँखों में देखने से बच रहा था।
लुईसा।
यह नाम उसकी छाती में अजीब सा लगा—जैसे कोई पुराना घाव, जाना-पहचाना लेकिन अनचाहा।
"तुम्हें वहाँ आना होगा," डांटे ने कहा, उसकी आँखें संकुचित हो गईं। "मेरे परिवार के सामने मुझे कमज़ोर मत दिखाना सिर्फ इसलिए कि मेरा हेड असैसिन परछाइयों में छिपा रहता है।"
डेमन ने कोई जवाब नहीं दिया। उसने सिगरेट का आखिरी कश लिया, उसे एक पल के लिए थामे रखा, और फिर उसे कंक्रीट के फर्श पर गिराकर अपनी एड़ी से धीरे-धीरे कुचल दिया। बुझती हुई सिगरेट सीलन भरे फर्श पर छनझनाई और कंक्रीट पर एक छोटा सा काला निशान छोड़ गई।
ठीक किसी ऐसी याद की तरह जिसे वह कभी मिटा नहीं सका।
डांटे ने बिना किसी भाव के इस हरकत को देखा और मुड़ गया। "और डेमन?" वह दरवाजे पर रुका। "अपने नए दस्ताने पहनना। पुराने वाले बहुत घिस गए हैं।"
और फिर डांटे चला गया, डेमन को उस मौत की बदबू वाले गोदाम में अकेला छोड़ गया।
डेमन अपने जूते के नीचे कुचली हुई सिगरेट को घूरता रहा। धुएं की गंध हवा में चिपकी हुई थी, जो खून की लोहे जैसी गंध के साथ मिल गई थी। इसने उसे कुछ ऐसा याद दिलाया जिसे वह भूलना चाहता था।
[फ्लैशबैक: 14 साल पहले]
तेज़ बारिश हो रही थी। हवा में बारूद, धुएं और लोहे की महक थी।
छोटा डेमन—चौदह साल छोटा, सिर्फ छह साल का—लकड़ी की अलमारी के कोने में दुबका हुआ अपने घुटनों को पकड़े बैठा था। वह इतनी बुरी तरह कांप रहा था कि उसके दांत बज रहे थे। अलमारी के बाहर भारी कदम सुनाई दिए, और उसके पिता की भारी आवाज़ आई, इससे पहले कि वह आवाज़ एक गोली की आवाज़ से दब गई।
"डांटे, भागो!" उसके पिता चिल्लाए थे, लेकिन दूसरी गोली ने उनकी आवाज़ छीन ली।
डेमन ने अपने कान ढंक लिए और चुपचाप रोने लगा। उसे लगा वह यहाँ मर जाएगा। उसे लगा यही अंत था।
तभी, अलमारी का दरवाज़ा खुला।
रोशनी अंदर आई, बहुत तेज़।
उसे लगा कोई कातिल है। लेकिन वह कोई कातिल नहीं थी।
वह सफेद कपड़े पहने एक छोटी सी बच्ची थी, जिस पर धूल और खून के छींटे थे। उसकी आँखें लाल थीं, लेकिन वह रो नहीं रही थी—शायद उसके आंसू सूख चुके थे। उसने डेमन को ऐसी नज़र से देखा जिसे उसका छह साल का दिमाग समझ नहीं पाया।
उसने उसे कांपते हुए देखा। वह जानती थी कि डेमन को छुआ जाना बिल्कुल पसंद नहीं था। वह जानती थी कि हर बार जब कोई नौकर या बड़ा उसे सहानुभूति में गले लगाता, तो उसे उल्टी आने लगती और वह चिल्लाने लगता।
इसलिए उसने उसे गले नहीं लगाया।
वह बस उसके बगल में बैठ गई, दूरी बनाए हुए, उस तंग अलमारी में। उसने अपने घुटने ऊपर किए, फिर बहुत धीरे, बहुत ही धीरे से, अपने छोटे से हाथ के पिछले हिस्से को डेमन की कांपती हुई बांह पर रखा।
"मैं तुम्हें मजबूर नहीं करूंगी," उसने फुसफुसाकर कहा, उसकी आवाज़ छोटी थी लेकिन सुकून देने वाली। "लेकिन अगर तुम चाहो... मेरा हाथ यहाँ है। तुम सुरक्षित हो। मैं यहाँ हूँ।"
और पहली बार डेमन की त्वचा पर वह जलने वाला अहसास कम हो गया।
उसके स्पर्श ने उसे दर्द नहीं दिया।
उसका स्पर्श ही वह एकमात्र चीज़ थी जिसने डेमन को महसूस कराया कि दुनिया पूरी तरह खत्म नहीं हुई थी।
वह आखिरी बार था जब डेमन ने उसे देखा था। उस रात, डेमन और डांटे के माता-पिता का नरसंहार हुआ। और डेमन ने उस लड़की को फिर कभी नहीं देखा।
आज रात तक।
[वर्तमान दिन]
डेमन अपने कमरे में फुल-लेंथ आईने के सामने खड़ा था और अपने प्रतिबिंब को देख रहा था।
काले सूट, काली टाई और काले चमड़े के दस्ताने।
उसकी गहरी आँखों में खालीपन था। वह सिर्फ एक परछाईं था। वह एक हथियार था जिसे उसका भाई चलाता था। उसके हाथों में कोमलता के लिए कोई जगह नहीं थी।
सिवाय... लुईसा के।
डेमन ने अपने गाल पर थप्पड़ मारा, इस ख्याल को झटकने की कोशिश की। वह लुईसा को नहीं जानता था। उसे नहीं पता था कि उसका नाम सुनकर उसकी छाती में हलचल क्यों हुई। और एक चीज़ पक्की थी: वह खुद को उसके लिए कोई भी भावना महसूस करने की अनुमति नहीं देगा।
भावनाएं कमजोरी हैं। और ब्लैकवुड परिवार में, कमजोरी का मतलब मौत था।
डेमन ने अपनी टाई ठीक की, और फिर उस पार्टी के लिए अपने कमरे से बाहर निकल गया जो उसकी ज़िंदगी को हमेशा के लिए बदलने वाली थी।