सोनेका को एक अजीब अहसास
Soneka अपने मम्मी पापा के साथ मुंबई मे रहती थी , soneka अपने परिवार मे अच्छे से रहती थी , परन्तु soneka का कोई दोस्त नहीं था और इस लिए soneka अपने घर पर उदास ही बैठी रहती थी . ये सब देख कर उसकी मम्मी बहुत चिंतित रहती थी कि कैसे soneka की उदासी दूर की जाये. उसकी मम्मी ने एक उपाय सोचा और वो सोनेका के पास जाकर बोला कि आज हम दोनों क्रिकेट खेलते और उसके बाद हम लोग मार्केट शॉपिंग करेंगे और खूब घूमेंगे मस्ती मस्ती करेंगे . ये सब सुन कर भी soneka उदास ही थी और उसने रोते हुए अपनी माँ की गोद मे सिर रख कर रोने लगी और बोली माँ मेरा कोई दोस्त मुझेसे बात नहीं करता और मुझे हमेशा कम दिमाग़ कह चिढ़ाते है , मेरे साथ कोई भी बात नहीं करता . सोनेका की मम्मी ने बोला बेटा , तुम पार्क मे जा कर खेलो, कोई तुम्हारे साथ कोई नहीं खेलता तो क्या हुआ, तुम पार्क मे झूले से खेल सकती हो और भी कई तरह के खेल है जो तुम खेल सकती हो , घर मे चुपचाप बैठे रहने से तो अच्छा है कि तुम पार्क मे खेलो. सोनेका ने अपने माँ से बोला ठीक है मै जा रही हूँ पार्क मे bye मम्मी.
सोनेका पार्क मे गई तो वहाँ पर सारे बच्चे खेल रहे थे , तभी मेथा ने सोनेका को अपने पास बुला कर बोला , तुम्हे हमारे साथ खेलना है . तो सोनेका ने बोला हा मुझे आप सब के साथ खेलना हैं , सोनेका बहुत ही खुश थी कि सब मेरे साथ खेलेंगे और बड़ा मजा आयेगा . उसके बाद मेथा ने अपने सारे दोस्त को बुलाया और कहा कि आज हमारे साथ सोनेका खेलेगी और सब लोग तैयार हो सोनेका के साथ खेलने के लिए मेथा के दोस्त जूही , शिका , मिका , और सौरव सार्थक सबने मिल कर बोला हा हमें सोनेका के साथ खेलना हैं . मेथा ने कहा , हम कितने दोस्त हैं बताओ , तब सोनेका ने बोला आप तो सिक्स दोस्त हो . मेथा ने बोला हम तुम्हे एक टास्क दिया जायेगा , अगर तुमने इसे पूरा कर लिया तो हम तुमको अपने साथ खेलने की परमिसन देंगे , ठीक है . सोनेका ने अपना सिर हिला कर हाँ बोला तुम्हे आज six टास्क मिलेगा तो पहला टास्क हैं तुम्हे पुरे पार्क का 50 चक्कर लगाना हैं . सोनेका ने बोला मै इतना नहीं दौड़ पाउगी कृपया मुझे ये टास्क मत दो , लेकिन मेथा ने कहा करलो नहीं तो इससे बड़ा दंड मिलेगा तुम्हे . सोनेका रोती हुई चक्कर लगाने लगी अचानक उसने महसूस किया कि मेरे ऊपर किसी ने अपना हाथ रखा और सोनेका के अंदर बहुत ही ताकत आ गई और वो जल्दी - जल्दी दौड़ने लगी और कम समय मे पार्क का चक्कर पूरा कर लिया , ये सब देख कर मेथा और उसके दोस्त ने सोचा कि इस बार इसे और भी कठिन टास्क देंगे. मेथा ने बोला सोनेका इस बार तुम्हे 1000 बार उठक -बैठक लगाना पड़ेगा , फिर से सोनेका ने मेथा और उसके दोस्तों से विनीती किया कि मै नहीं कर पाउगी कृपया मुझे जाने दो , लेकिन उसके दोस्तों ने उसकी एक ना सुनी . सोनेका ने टास्क सुरु कर दिया वो करने लगी , इस बार कोई नहीं आया सोनेका की मदद के लिए , सोनेका रोने लगी और टास्क पूरा करने के बाद , वह बहुत ही ज्यादा थक गई , और सब बच्चे उसे रोता देख हसने लगे ये देख कर सोनेका रोते हुए अपने घर की तरफ दौड़ते हुए अपने घर पहुंच कर अपने मम्मी से सारी बात बता कर मम्मी के गोद मे सिर रखकर रोने लगी . उसकी मम्मी ने सोनेका को समझाते हुए बोली कोई बात नहीं , इससे तुम और भी मजबूत बनोगी और इस लिए तुम्हें रोना नहीं चाहिए , ठीक हैं बेटा , और आज मैने तुम्हारे लिए चॉकलेट लायी हूँ और तुम्हे मै ये चॉकलेट तभी दूगी जब तुम रोना बंद करोगी ठीक हैं , इतना सुन कर सोनेका ने रोना बंद करके चॉकलेट ले लिया और ख़ुश हो कर अपने कमरे मे चली गई , उसके बाद चॉकलेट खाते हुए सोचने लगी कि वो कौन था जिसने पार्क के चक्कर लगान े मे उसकी मदद की , काश वो सच मे मेरे साथ होती.








