बूंदें गिर रहीं हैं
बूंदें गिर रहीं हैं,
हल्की - फुल्की बरसात होने लगी ।
जैसे ही मॉनसून ने दी दस्तक ,
ठंडी हवाएं चलने लगीं।
जो सूरज आग बरसा रहा था,
आज बादलों से छिपा हुआ है।
उसकी धूप की तपिश से,
आज कहीं जाकर आराम मिला है।
बस मौसम के रहम पर ही,
जी रहें हैं हम सब।
हथियार तो अपने भी कई हैं,
पर प्रतिघात बनाने लगा है उन्हें बेअसर।
निहत्थे हो कर ही जाना,
क्या खूब करिश्मा है कुदरत का।
ये हवाएं , ये पृथ्वी का पलटना ,
कितने रंग दिखता है।
महसूस किया हर मौसम को,
तो मुझे हर एक लगा प्यारा।
सभी नई तकलीफें लातें हैं,
पर इन्हीं के तो भरोसे है अपनी धरा।
जो बरसात न हो तो सूखा,
जब बरसी ज़्यादा तो बाढ़।
ज्यों लगी घूमने तो बवंडर,
जहां से आए , वहां का ले आए असर।
बस मत पूछी क्या हुआ है;
बचपन मे शायाद कुदरत का,
ये एक हिस्सा मुझे छू कर गया,
और तभी से मुझे अपना कायल बना लिया।







![His Luna Queen [Discontinued]](https://cdn-gcs.inkitt.com/vertical_storycovers/ipad_31ca7c3fb8cb023d576c297a7081cb10.jpg)
