Chapter 1

“कुछ मोहब्बतें वक्त के साथ खत्म नहीं होतीं… वो बस चुप हो जाती हैं।”“और जब सालों बाद वो सामने आती हैं, तो दिल फिर से उसी जगह धड़कने लगता है…”
बारिश की हल्की बूंदें शादी के मंडप के बाहर गिर रही थीं। पूरा होटल रोशनी से जगमगा रहा था। लोग संगीत और हंसी में डूबे हुए थे… लेकिन भीड़ के बीच खड़ीअनायाकी नजर अचानक एक चेहरे पर जाकर रुक गई।
उसका दिल एक पल के लिए थम गया।
ब्लैक सूट में खड़ा वो लड़का भी उसे ही देख रहा था।
आरव।
उसका स्कूल वाला पहला प्यार… जिससे वो पूरे आठ साल बाद मिल रही थी।
स्कूल की वो अधूरी कहानी
अनाया और आरव स्कूल में सबसे अच्छे दोस्त थे। दोनों साथ बैठते, साथ पढ़ते, और हर छोटी-बड़ी बात एक-दूसरे से शेयर करते थे।
धीरे-धीरे दोस्ती प्यार में बदल गई।
लेकिन दोनों में से किसी ने कभी अपने प्यार का इज़हार नहीं किया।
स्कूल खत्म होने के बाद अचानक आरव शहर छोड़कर चला गया। न कोई कॉल… न कोई मैसेज…
बस एक दिन अनाया को उसका आखिरी मैसेज मिला—
“अगर किस्मत ने चाहा… तो हम फिर मिलेंगे।”
उसके बाद आरव गायब हो गया।
अनाया ने बहुत इंतजार किया… लेकिन वक्त के साथ उसने खुद को संभाल लिया।
शादी में हुई मुलाकात
आज उसकी cousin की शादी थी… और किस्मत ने सच में आरव को उसके सामने ला खड़ा किया था।
आरव धीरे-धीरे उसके पास आया।
“कैसी हो, अनाया?”
उसकी वही आवाज…
वही मुस्कान…
अनाया खुद को संभालते हुए बोली—
“ठीक हूं… तुम?”
“जिंदा हूं।”
उसके इस जवाब में अजीब सा दर्द था।
अनाया महसूस कर सकती थी कि आरव पहले जैसा नहीं रहा।
वो रहस्यमयी लड़की
शादी के दौरान अनाया ने देखा कि एक खूबसूरत लड़की बार-बार आरव के साथ दिखाई दे रही थी।
दोनों साथ हंस रहे थे।
अनाया का दिल बेचैन होने लगा।
उसने अपनी दोस्त से पूछा—
“वो लड़की कौन है?”
दोस्त मुस्कुराई—
“शायद आरव की पत्नी होगी।”
ये सुनते ही अनाया का चेहरा उतर गया।
उस रात वो होटल की छत पर अकेली बैठी रो रही थी।
तभी पीछे से किसी ने कहा—
“अब भी बारिश में रोने की आदत नहीं गई तुम्हारी।”
अनाया पलटी।
आरव उसके सामने खड़ा था।
“तुम्हारी wife नीचे तुम्हें ढूंढ रही होगी…” अनाया ने नजरें चुराते हुए कहा।
आरव कुछ सेकंड चुप रहा… फिर हल्का सा हंसा।
“वो मेरी wife नहीं है।”
अनाया ने हैरानी से उसकी तरफ देखा।
“तो कौन है?”
“मेरी छोटी बहन।”
अनाया की धड़कन अचानक तेज हो गई।
सबसे बड़ा सच
आरव धीरे-धीरे उसके पास आकर बोला—
“मैं तुम्हें कभी भूल नहीं पाया।”
अनाया की आंखें भर आईं।
“तो फिर चले क्यों गए थे?”
आरव ने जेब से एक पुरानी फोटो निकाली।
वो स्कूल की फोटो थी… जिसमें दोनों साथ मुस्कुरा रहे थे।
“जिस दिन मैं शहर छोड़कर गया… उसी दिन पापा का एक्सीडेंट हुआ था। घर की सारी जिम्मेदारी अचानक मेरे ऊपर आ गई। मेरे पास तुम्हें संभालने की ताकत नहीं थी…”
“लेकिन एक बार बता तो सकते थे…” अनाया रोते हुए बोली।
“डरता था कि तुम मेरा इंतजार करोगी।”
हवा में खामोशी फैल गई।
नीचे शादी में संगीत बज रहा था… और ऊपर दो अधूरे दिल सालों बाद फिर करीब आ रहे थे।
Suspense Begins…
उसी रात अनाया के फोन पर एक unknown message आया—
“आरव से दूर रहो… वरना तुम भी उसकी तरह बर्बाद हो जाओगी।”
अनाया डर गई।
उसने तुरंत आरव को फोन किया, लेकिन उसका फोन बंद था।
कुछ देर बाद होटल में अचानक अफरा-तफरी मच गई।
किसी ने चिल्लाकर कहा—
“एक आदमी का एक्सीडेंट हो गया है!”
अनाया भागते हुए बाहर पहुंची…
सड़क पर खून से लथपथ आरव पड़ा था।
उसकी आंखें मुश्किल से खुल रही थीं।
अनाया रोते हुए उसके पास बैठ गई—
“आरव… प्लीज आंखें खोलो…”
आरव ने कांपते हाथों से उसका हाथ पकड़ा।
“मैं तुमसे कुछ छुपा रहा था…”
“क्या…?” अनाया रोते हुए बोली।
आरव ने धीमी आवाज़ में कहा—
“ये एक्सीडेंट नहीं था…”
अनाया की सांस रुक गई।
“कोई मुझे मारना चाहता है…”
आखिरी मोड़
कुछ दिनों बाद आरव अस्पताल से ठीक होकर वापस आया। लेकिन अब अनाया हर पल उसके साथ रहने लगी।
धीरे-धीरे दोनों फिर करीब आने लगे।
एक रात आरव अनाया को उसी स्कूल के सामने लेकर गया जहां उनकी कहानी शुरू हुई थी।
बारिश हो रही थी।
आरव घुटनों पर बैठ गया।
“इस बार किस्मत को हमें अलग करने का मौका नहीं दूंगा… क्या तुम हमेशा के लिए मेरी बनोगी?”
अनाया की आंखों से आंसू बहने लगे।
उसने मुस्कुराकर कहा—
“मैं तो आज भी सिर्फ तुम्हारी हूं।”
तभी पीछे स्कूल की पुरानी बिल्डिंग की खिड़की में किसी की परछाई दिखाई दी…
कोई उन्हें देख रहा था।
और कहानी यहीं खत्म नहीं हुई… 💔








